प्रधानमंत्री मोदी ने जीएसटी परिषद के नए सुधारों का किया स्वागत, बोले- कारोबार होगा आसान

New Delhi, 8 अक्टूबर . Prime Minister Narendra Modi ने GST परिषद की 57वीं बैठक में मंजूर किए गए नए सुधारों का स्वागत करते हुए कहा कि ये फैसले कर व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और नागरिक हितैषी बनाएंगे.

Prime Minister ने social media प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि GST परिषद की सिफारिशों में गिरफ्तारी संबंधी प्रावधानों को हटाना, अधिक अपराधों को गैर-आपराधिक श्रेणी में लाना और प्रक्रियाओं को सरल बनाना शामिल है. इन कदमों का कारोबार और उद्योग जगत पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा.

पीएम मोदी ने कहा कि Government का फोकस तेज निर्णय प्रक्रिया, कम अनुपालन लागत, स्वचालित रिफंड और भरोसे पर आधारित प्रशासनिक व्यवस्था पर है. उन्होंने कहा कि ये फैसले GST को और अधिक सरल एवं व्यवसाय अनुकूल बनाने के Government के निरंतर प्रयासों के अनुरूप हैं.

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में हुई GST परिषद की 57वीं बैठक में कर दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया. इसके बजाय परिषद ने कर प्रणाली के रोजमर्रा के संचालन को आसान बनाने पर जोर दिया.

बैठक में GST पंजीकरण प्रक्रिया को और अधिक स्वचालित बनाने का फैसला लिया गया. कम जोखिम वाले आवेदनों को तीन कार्य दिवस के भीतर स्वतः मंजूरी देने का प्रस्ताव है. इसके अलावा संशोधन आवेदनों और निलंबित पंजीकरणों की बहाली की प्रक्रिया को भी आसान बनाया जाएगा.

GST परिषद ने रिफंड प्रक्रिया को भी तेज करने का फैसला लिया है. अब रिफंड आवेदन स्वीकार करने की समय-सीमा 15 दिन से घटाकर 10 दिन कर दी गई है.

इसके अलावा, लगभग 90 प्रतिशत रिफंड दावों को सिस्टम आधारित जोखिम मूल्यांकन के माध्यम से मंजूरी दी जाएगी. कैश लेजर में उपलब्ध राशि का रिफंड भी पूरी तरह स्वचालित किया जाएगा, जिससे अधिकारियों के हस्तक्षेप की जरूरत कम होगी.

परिषद ने इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का दायरा बढ़ाते हुए पात्र मामलों में कर्मचारियों के हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस पर चुकाए गए GST को शामिल किया है.

इसके अलावा, फैक्ट्री परिसरों के बाहर लगे टेलीकॉम टावरों और पाइपलाइनों, फ्री सैंपल तथा कुछ परिस्थितियों में नष्ट किए जाने वाले एक्सपायर्ड स्टॉक पर भी आईटीसी राहत देने का फैसला किया गया है.

GST प्रवर्तन और अभियोजन से जुड़े प्रावधानों में भी महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं. GST अधिकारियों की गिरफ्तारी की शक्तियां समाप्त करने का प्रस्ताव रखा गया है. साथ ही अभियोजन शुरू करने की सीमा 1 करोड़ रुपए से बढ़ाकर 5 करोड़ रुपए कर दी गई है.

सामान्य मामलों में लगने वाले जुर्माने को भी 25 हजार रुपए से घटाकर 10 हजार रुपए करने का प्रस्ताव है. वहीं, 10 हजार रुपए या उससे कम राशि वाले मामलों में नोटिस जारी नहीं किए जाएंगे और ऐसे लंबित मामलों को भी वापस लेने की योजना है.

उद्योग संगठनों का मानना है कि इन सुधारों से कारोबार करने में आसानी बढ़ेगी, अनुपालन लागत कम होगी और उद्योगों की कार्यशील पूंजी पर दबाव घटेगा. खास तौर पर एमएसएमई और निर्यातकों को इन फैसलों से राहत मिलने की उम्मीद है.

Government का कहना है कि GST परिषद अब कर दरों में बदलाव पर साल में एक बार विचार करेगी, जिससे व्यवसायों को स्थिरता और पूर्वानुमान की बेहतर सुविधा मिलेगी.

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एएमटी/डीकेपी