प्रधानमंत्री मोदी का राष्ट्रपति मिर्जियोयेव के निमंत्रण पर उज्बेकिस्तान का दौरा

New Delhi, 29 अगस्त . Prime Minister Narendra Modi उज्बेकिस्तान के President शौकत मिर्जियोयेव के निमंत्रण पर Saturday को दो दिन की द्विपक्षीय यात्रा के लिए ताशकंद जाएंगे.

यह Prime Minister मोदी का उज्बेकिस्तान का चौथा दौरा होगा और वे दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के लिए President उज्बेकिस्तान के साथ प्रतिनिधिमंडल-स्तर की बातचीत करेंगे.

विदेश मंत्रालय (एमईए) के अनुसार, दोनों नेता व्यापार और निवेश, रक्षा, डिजिटल कनेक्टिविटी, ऊर्जा, शिक्षा और लोगों के बीच आपसी संबंधों के क्षेत्रों में सहयोग की समीक्षा करेंगे और आगे की राह के लिए एजेंडा तय करेंगे. वे ‘विकसित India 2047’ और ‘उज्बेकिस्तान-2030’ के साझा विकास लक्ष्यों को आगे बढ़ाने पर भी अपने विचार साझा करेंगे.

उम्मीद है कि पीएम मोदी ताशकंद में शास्त्री मेमोरियल और ताशकंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ ओरिएंटल स्टडीज में महात्मा गांधी सेंटर भी जाएंगे.

विदेश मंत्रालय में सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने बताया कि यह पीएम मोदी का उज्बेकिस्तान का चौथा दौरा होगा. इससे पहले उन्होंने 2015 में उज्बेकिस्तान और मध्य एशिया के अन्य देशों का दौरा किया था और उसके बाद 2016 और 2022 में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) समिट में शामिल होने के लिए वहां गए थे.

India और उज्बेकिस्तान के बीच पिछले कई सालों से द्विपक्षीय और बहुपक्षीय, दोनों स्तरों पर व्यापक और सार्थक संबंध रहे हैं. उज्बेक President ने 2018 में India का राजकीय दौरा किया था और वे 2019 में वाइब्रेंट Gujarat ग्लोबल समिट में भी शामिल हुए थे.

पीएम मोदी और मिर्जियोयेव 2023 में Dubai में सीओपी 28 के दौरान और 2024 में कजान में ब्रिक्स समिट के दौरान मिले थे.

इन नेताओं की पिछली मुलाकात 2025 में चीन के तियानजिन में एससीओ समिट के दौरान हुई थी.

उम्मीद है कि बातचीत में आपसी हित के कई मुद्दों पर चर्चा होगी और द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने के नए रास्ते तलाशे जाएंगे. इनमें व्यापार और निवेश, जरूरी खनिज, हेल्थकेयर, बिजनेस-टू-बिजनेस जुड़ाव, शिक्षा, अंतरिक्ष, टेक्नोलॉजी, संस्कृति और लोगों के बीच आपसी आदान-प्रदान जैसे विषय शामिल हैं.

Thursday को पीएम मोदी की उज्बेकिस्तान और किर्गिस्तान यात्रा के बारे में एक खास मीडिया ब्रीफिंग के दौरान सेक्रेटरी जॉर्ज ने कहा, “यह मुलाकात India और उज्बेकिस्तान के बीच लंबे समय से चले आ रहे सांस्कृतिक संबंधों को उजागर करने का मौका देगी. साथ ही, यह द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने में एकेडमिक और लोगों के बीच आपसी आदान-प्रदान की अहम भूमिका को भी रेखांकित करेगी.”

ताशकंद स्टेट यूनिवर्सिटी में Prime Minister मोदी इंडोलॉजिस्ट और विद्वानों से भी बातचीत करेंगे.

सेक्रेटरी जॉर्ज ने कहा, “Prime Minister का दौरा India और उज्बेकिस्तान के बीच करीबी, कई तरह की और बढ़ती रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करेगा.”

उज्बेकिस्तान की राजकीय यात्रा के बाद Prime Minister मोदी 31 अगस्त को 26वें एससीओ शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए बिश्केक जाएंगे. इस साल एससीओ की 25वीं वर्षगांठ है और इस साल का विषय है ‘एससीओ के 25 साल: टिकाऊ शांति, विकास और समृद्धि की ओर साथ मिलकर’.

बिश्केक में होने वाले आगामी एससीओ लीडरशिप समिट के कार्यक्रमों में 31 अगस्त को स्वागत भोज और अगले दिन समिट की मुख्य बैठक शामिल है, जिसमें Prime Minister मोदी अपना संबोधन देंगे. बिश्केक में समिट के दौरान कई द्विपक्षीय बैठकें भी आयोजित करने की योजना है.

ओपी/एएस