
New Delhi, 27 सितंबर . Prime Minister Narendra Modi ने मन की बात कार्यक्रम के 138वें एपिसोड में असम में प्रकृति संरक्षण से हो रहे सकारात्मक बदलाव का जिक्र किया. पीएम मोदी ने कहा कि प्रकृति संरक्षण असम में सकारात्मक बदलाव ला रहा है.
पीएम मोदी ने बताया कि असम में सोनाई रूपाई वन्यजीव अभयारण्य है. एक समय था जब यहां हाथियों का बसेरा हुआ करता था, हाथियों की बड़ी संख्या यहां रहती थी. लेकिन धीरे-धीरे जंगल की जमीन पर इंसानों का दखल बढ़ता गया. अतिक्रमण के कारण हाथियों ने इस इलाके से दूरी बना ली और यहां आना कम कर दिया.
तीन साल पहले इस जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया. जंगल को फिर से उसका प्राकृतिक रूप लौटाया गया. अब इसके अद्भुत परिणाम सामने आए हैं. हाथी फिर से यहां लौट आए हैं.
पीएम मोदी ने कहा कि असम में ही एक और सुंदर प्रयास हुआ है. यह प्रयास एक बहुत छोटे से जीव, पिग्मी हॉग को बचाने का है.
Prime Minister ने बताया कि एक समय था जब इस जीव के अस्तित्व पर संकट मंडरा रहा था. इनकी संख्या बहुत कम रह गई थी. तब केवल 6 पिग्मी हॉग के साथ एक संरक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया. इस कार्यक्रम के तहत उन्हें सुरक्षित तरीके से पाला गया और फिर से जंगलों में बसाया गया. उनके रहने के लिए घास के मैदानों को भी संवारा गया, ताकि उन्हें उनका प्राकृतिक घर मिल सके.
आज इस कार्यक्रम की वजह से पिग्मी हॉग की संख्या बढ़कर 190 से ज्यादा हो चुकी है. यह वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक बड़ी सफलता है.
बता दें कि हाथी पारिस्थितिकी तंत्र यानी इकोसिस्टम को स्वस्थ और संतुलित रखकर पर्यावरण का संरक्षण करते हैं. इसी वजह से उन्हें ‘इकोसिस्टम इंजीनियर’ भी कहा जाता है. उनका लौटना जंगल के स्वस्थ होने का संकेत है. वहीं, पिग्मी हॉग दुनिया की सबसे छोटी और सबसे दुर्लभ जंगली सुअर की प्रजाति है, जो हिमालय की तलहटी में लंबे जलोढ़ घास के मैदानों में पाई जाती है.
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एएस
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