
Mumbai , 24 अगस्त . भारतीय हिप-हॉप अब देश के म्यूजिक कल्चर का एक बड़ा हिस्सा बन चुका है. रैप और हिप-हॉप के जरिए कई नए कलाकारों ने अपनी अलग पहचान बनाई है. इन्हीं नामों में पैराडॉक्स और एमसी स्क्वायर भी शामिल हैं. दोनों ने अपनी अलग शैली और शानदार परफॉर्मेंस के दम पर बड़ी फैन फॉलोइंग बनाई है. यही वजह है कि जब दोनों कलाकार एक साथ नजर आते हैं तो फैंस के बीच उनकी तुलना भी शुरू हो जाती है. हालांकि पैराडॉक्स का मानना है कि ऐसी तुलना की जरूरत ही नहीं है, क्योंकि हम दोनों की अपनी-अपनी खासियत है.
फिलहाल पैराडॉक्स और एमसी स्क्वायर रियलिटी शो ‘एमटीवी हसल 5’ में बतौर मेंटर और स्क्वाड बॉस नजर आ रहे हैं. शो में देशभर से आए युवा रैपर अपनी प्रतिभा दिखा रहे हैं. इसी दौरान पैराडॉक्स ने से बातचीत में अपने और एमसी स्क्वायर के बीच होने वाली तुलना को लेकर खुलकर बात की.
पैराडॉक्स से जब ने पूछा कि क्या उन्हें कभी एमसी स्क्वायर के साथ तुलना किए जाने का दबाव या डर महसूस होता है, तो उन्होंने कहा, ”मुझे लगता है कि इसकी कोई जरूरत नहीं है, क्योंकि ऐसी बहुत सी चीजें हैं जिनमें हम दोनों माहिर हैं और दोनों के अलग-अलग पहलू हैं. ऐसी कोई स्थिति कभी नहीं आई, जहां लोगों ने हमारी तुलना की हो. मैं एमसी स्क्वायर को अपना प्रतिद्वंद्वी नहीं मानता. हम दोनों की अलग-अलग पहचान और शैली हैं.”
पैराडॉक्स ने आगे कहा, ”फैंस की ओर से मुझे और एमसी स्क्वायर को साथ देखने की उम्मीद लगातार बनी रहती है. हम दोनों के फैंस चाहते हैं कि हम एक बार फिर साथ में गाना बनाएं. मुझे फैंस की ये डिमांड बेहद प्यारी लगती है. हम दोनों को साथ सुनने की चाहत इसलिए भी बढ़ती है क्योंकि जब हम एक साथ काम करते हैं तो हमारे अलग-अलग हुनर एक ही जगह दिखाई देते हैं. फैंस हमारे इस तालमेल को पसंद करते हैं. फैंस की इस डिमांड को मैं किसी दबाव के रूप में नहीं देखता, बल्कि इसे प्यार और उम्मीद की तरह लेता हूं.”
उन्होंने फैंस से कहा, ”हम दोनों के अगले कोलैबोरेशन का इंतजार करें. आने वाले समय में आपको हमारा साथ में नया म्यूजिक सुनने को मिलेगा.”
बात करें ‘एमटीवी हसल 5’ की, तो इस बार शो की थीम ‘अपना होमग्राउंड’ रखी गई है. रैपर बादशाह इस सीजन में ‘रैप सुप्रीमो’ की भूमिका में हैं. उनके साथ ईपीआर, एमसी स्क्वायर, पैराडॉक्स और एजीएसवाई स्क्वाड बॉस के रूप में जुड़े हैं. शो में देश के अलग-अलग हिस्सों से आए उभरते रैपर्स अपने गीत और परफॉर्मेंस के जरिए दर्शकों और मेंटर को प्रभावित करने की कोशिश करते हैं.
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पीके/एएस
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