
New Delhi, 15 अक्टूबर . India के पूर्व बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा ने वेस्टइंडीज की बल्लेबाजी की सफलता का श्रेय शाई होप की संयमित बैटिंग और बेहतरीन शॉट चयन को दिया है. इसके साथ ही, उन्होंने कीमो पॉल की निर्णायक गेंदबाजी को वेस्टइंडीज की हालिया जीत का टर्निंग प्वाइंट बताया है.
India के खिलाफ जीत के बाद वेस्टइंडीज के प्रदर्शन का विश्लेषण करते हुए पुजारा ने मेहमान टीम की सोची-समझी आक्रामकता, भारतीय गेंदबाजी की गलतियों का फायदा उठाने की उनकी क्षमता और दोनों पारियों में बनाए गए दबाव की तारीफ की.
उन्होंने चेतावनी दी कि Bengaluru में होने वाले अगले मैच में भारतीय टीम को अधिक अनुशासन और गेंदबाजी में विविधता लाने की जरूरत होगी. पुजारा ने यह भी कहा कि क्रीज पर शाई होप का दृष्टिकोण ही उनकी शानदार निरंतरता का मुख्य कारण है.
पुजारा ने ‘जियोस्टार’ से बात करते हुए कहा, “इस व्हाइट-बॉल सीरीज में शाई होप India के लिए एक बड़ी चुनौती साबित हुए हैं. सबसे खास बात यह है कि वह बिना सोचे-समझे अंधाधुंध शॉट नहीं खेलते. वह अपने स्वाभाविक खेल पर भरोसा रखते हैं और सही गैप में शॉट खेलते हैं. यही वजह है कि वह बिना ज्यादा जोखिम लिए तेजी से रन बना पाते हैं. जिस तरह से वह गेंद को टाइम करते हैं, सामान्य क्रिकेटिंग शॉट्स खेलते हैं और अपनी पसंदीदा जगहों को अच्छी तरह जानते हैं, वही उन्हें इतना असरदार बनाता है.”
पूर्व भारतीय बल्लेबाज ने आगे कहा, “वह स्पिन के भी अच्छे खिलाड़ी हैं, क्योंकि इस पिच पर बल्लेबाजों के लिए स्पिनरों पर हावी होना थोड़ा मुश्किल था. हालांकि, होप का खेल एकदम स्पष्ट था. जब किसी बल्लेबाज का अपने खेल पर इतना नियंत्रण हो, तो गेंदबाजों के लिए दबाव बनाना बहुत मुश्किल हो जाता है. एक बार जब वह क्रीज पर जम जाते हैं, तो उन्हें रोकना बहुत कठिन हो जाता है. अगर आप उनके स्ट्राइक रेट को देखें, तो पूरी सीरीज में उनका प्रदर्शन शानदार रहा है. India के दौरे पर किसी भी बल्लेबाज द्वारा लगाए गए चार शतक अब सबसे ज्यादा हैं. इस टी20 इंटरनेशनल सीरीज में वह सबसे शानदार प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी रहे हैं और आंकड़े भी यही बताते हैं.”
जहां होप ने अपनी बल्लेबाजी से सबका ध्यान खींचा, तो पुजारा ने कीमो पॉल की भी खास तारीफ की, जिनकी गेंदबाजी वेस्टइंडीज की जीत में अहम साबित हुई. पॉल ने अपनी पहली ही गेंद पर संजू सैमसन को आउट करके बड़ा प्रभाव डाला और उसी ओवर में ईशान किशन को भी पवेलियन भेज दिया. इसके बाद 19वें ओवर में उन्होंने तीन विकेट लेकर मैच का रुख ही पलट दिया.
पुजारा ने आगे कहा, “यह जीत पूरी तरह से कीमो पॉल के नाम रही. उन्होंने मैच की अपनी पहली ही गेंद पर संजू सैमसन का बड़ा विकेट लिया, जो डीप बैकवर्ड स्क्वायर-लेग पर कैच आउट हुए. इसके बाद उसी ओवर में उन्होंने ईशान किशन को भी आउट किया और फिर 19वें ओवर में तीन विकेट लेकर जीत पक्की कर दी. मुश्किल स्थिति में होने और आखिरी दो मैचों में जीतना जरूरी होने के बावजूद, वेस्टइंडीज ने न केवल सीरीज हारने से खुद को बचाया, बल्कि मेजबान टीम को यह कड़ा संदेश भी दिया कि वे यहां जीतने आए हैं.”
पुजारा ने वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों खासकर होप, शिमरोन हेटमायर और शेरफेन रदरफोर्ड के सामूहिक प्रयासों की ओर भी इशारा किया, जिन्होंने India की गेंदबाजी योजनाओं की कमजोरियों को उजागर किया. पूर्व भारतीय बल्लेबाज के अनुसार, मेहमान टीम के आक्रामक इरादों के साथ-साथ उनकी गेंदों की लेंथ को समझने की बेहतरीन क्षमता ने भारतीय गेंदबाजों के लिए गलती करने की कोई गुंजाइश नहीं छोड़ी.
उन्होंने कहा, “पावरप्ले के दौरान और उसके बाद भी जिस तरह से वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों ने हमारे खिलाफ आक्रामक रुख अपनाया, उसमें भारतीय गेंदबाज सही लेंथ पर गेंदबाजी नहीं कर पाए. उन्होंने अपनी गेंदबाजी में ज्यादा विविधता भी नहीं दिखाई. हालांकि, कभी-कभी आपको वेस्टइंडीज के खिलाड़ियों की बल्लेबाजी और उनके द्वारा खेले गए शॉट्स की तारीफ करनी चाहिए, खासकर शाई होप, शिमरोन हेटमायर और शेरफेन रदरफोर्ड की. ये तीनों ही अपनी टीम की जीत में अहम खिलाड़ी रहे. उनका प्रदर्शन असाधारण था.”
पूर्व भारतीय बल्लेबाज ने आगे कहा, “उन्होंने भारतीय गेंदबाजों पर काफी दबाव डाला, और गेंदबाजों के लिए गलती करने की गुंजाइश बहुत कम थी. जब नमन धीर गेंदबाजी करने आए, तो वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों ने बहुत जल्दी उनकी लेंथ को भांप लिया. उन पर दबाव था, और जैसे ही कोई गेंदबाज अपनी सही लेंथ से चूका, वेस्टइंडीज के बल्लेबाज उसका फायदा उठाने के लिए तैयार थे. भारतीय गेंदबाजों को Bengaluru में बेहतर लेंथ पर गेंदबाजी करनी होगी और अपनी गेंदबाजी में और अधिक विविधता लानी होगी, क्योंकि इतने अच्छे बल्लेबाजों के खिलाफ एक खराब गेंद ही आपको मैच हरवाने के लिए काफी है.”
–
एसएम/एबीएम
Skip to content