
New Delhi, 4 नवंबर . Prime Minister Narendra Modi ने Wednesday को आंध्र प्रदेश के Chief Minister एन चंद्रबाबू नायडू को फोन किया और चक्रवात अर्नब व मुरासू के प्रभाव के बारे में जानकारी ली.
एक सप्ताह के अंदर राज्य में दो चक्रवातों के आने के बाद Prime Minister ने प्रभावित इलाकों की स्थिति के बारे में पूछा. आधिकारिक बयान के अनुसार, Chief Minister नायडू ने Prime Minister को चक्रवात अर्नब और मुरासु के प्रभाव और प्रभावित क्षेत्रों में हुए नुकसान के बारे में विस्तार से बताया.
Chief Minister ने Prime Minister को बताया कि भारी बारिश और तेज हवाओं के कारण किसानों को काफी नुकसान हुआ है. उन्होंने यह भी बताया कि सड़क और बिजली के ढांचे समेत कई क्षेत्रों में भारी नुकसान हुआ है और केंद्र Government से राज्य को उचित सहायता देने का अनुरोध किया.
Prime Minister मोदी ने राहत कार्यों में राज्य Government के प्रभावी काम की सराहना की. उन्होंने लगातार सतर्क रहते हुए चक्रवातों से पैदा हुई चुनौतियों को सफलतापूर्वक संभालने के लिए Chief Minister नायडू की प्रशंसा की.
इससे पहले Chief Minister नायडू ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर चक्रवातों से गंभीर नुकसान झेल रहे राज्य को सहायता देने का आग्रह किया था. Chief Minister ने कई जिलों में फसलों और संपत्ति को हुए भारी नुकसान, जनता को हो रही परेशानियों और राज्य Government द्वारा किए गए राहत उपायों के बारे में बताया. उन्होंने जरूरी वित्तीय सहायता तुरंत जारी करने का अनुरोध किया.
अमित शाह ने भी Tuesday को Chief Minister नायडू को फोन कर चक्रवात मुरासु के प्रभाव, नुकसान की सीमा और चल रहे राहत प्रयासों के बारे में पूछा था. Chief Minister ने Union Minister को राज्य की मौजूदा स्थिति के बारे में जानकारी दी.
एक ही दिन में अमित शाह से दो बार बात करते हुए Chief Minister ने लगातार आए चक्रवातों से हुए कुल नुकसान के बारे में बताया. उन्होंने कहा कि राज्य चक्रवात अर्नब के प्रभाव से पूरी तरह उबर भी नहीं पाया था कि चक्रवात मुरासु के आने से स्थिति और ज्यादा बिगड़ गई.
Chief Minister ने केंद्रीय गृह मंत्री को बताया कि चक्रवात मुरासु से राज्य के आठ सरकारी विभागों में अनुमानित 343.95 करोड़ रुपये का प्रारंभिक नुकसान हुआ है. उन्होंने बताया कि इस नुकसान का लगभग 94 प्रतिशत कृषि क्षेत्र में हुआ है.
सात जिलों के 465 गांवों में 50,473 हेक्टेयर में फैली फसलें क्षतिग्रस्त हुई हैं, जिससे 69,828 किसान प्रभावित हुए हैं. इसमें से 45,900 हेक्टेयर में धान की फसल है. कृषि क्षेत्र को कुल प्रारंभिक नुकसान 324.22 करोड़ रुपये आंका गया है. Chief Minister ने बताया कि बापटला, कृष्णा और गुंटूर जिलों में बागवानी उपज समेत फसलों को नुकसान विशेष रूप से गंभीर है.
उन्होंने बताया कि चक्रवात के प्रभाव का अनुमान लगाते हुए राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, रियल-टाइम गवर्नेंस सोसाइटी और आपातकालीन संचालन केंद्रों को हाई अलर्ट पर रखा गया था. प्रभावित इलाकों में राहत और पुनर्वास प्रयासों के लिए 11 एसडीआरएफ (राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल) टीमें और 13 एनडीआरएफ (राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल) टीमें तैयार रखी गई थीं.
इसके अलावा, प्रभावित जिलों में 480 स्कूलों को राहत केंद्रों में बदल दिया गया है और 12,230 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है.
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एएस
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