पीएम मोदी के ‘सच की हुंकार’ बयान के समर्थन में ओपी राजभर, बोले-सच का सामना नहीं कर पाता झूठ

New Delhi, 6 सितंबर . Prime Minister Narendra Modi के ‘सच की हुंकार’ वाले बयान का समर्थन करते हुए योगी Government के कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने Sunday को कहा कि सच कड़वा होता है और झूठ में सच का सामना करने की हिम्मत नहीं होती. उन्होंने कहा कि मोदी और योगी Government मिलकर विकास के लिए काम कर रही है, जबकि विपक्ष को यह दिखाई नहीं देता.

योगी Government के कैबिनेट मंत्री ओपी राजभर ने कहा कि विपक्ष जिस नजरिए से चीजों को देखता है, वह उनकी भूमिका दिखाता है, जबकि सत्ताधारी पार्टी का नजरिया विकास के लिए काम करता है. मोदी Government और योगी Government मिलकर राज्य और देश के विकास के लिए काम कर रही हैं, लेकिन विपक्ष को यह दिखाई नहीं देता. पीएम मोदी सही कह रहे हैं.”

मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा, “दुश्मन को मारने के लिए सेना को पहली बार छूट मिली है. पहले Governmentें सेना पर रोक लगाती थीं, लेकिन आज वह रोक हटा दी गई है. सेना इससे खुश है. पहले बड़े पैमाने पर आतंकवादी घटनाएं होती थीं, लेकिन आज, चाहे माओवादी हों या दूसरे संगठन, लोग विकास की मुख्यधारा में शामिल होने के लिए सरेंडर कर रहे हैं. देश में एक इतिहास है.”

Prime Minister Narendra Modi ने Saturday को एसआरसीसी शताब्दी समारोह के दौरान विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए 2013 के संकटों की तुलना आज के India से की थीं. लाल किले से अपने पिछले स्वतंत्रता दिवस संबोधन का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि उन्होंने “दिमागी नक्सल” शब्द का इस्तेमाल कर आलोचकों को “होम्योपैथिक गोलियां” दी थीं.

पीएम मोदी ने कहा था, “होम्योपैथिक इलाज में थोड़ी देर के लिए बीमारी बढ़ती ही है. जैसे ही मैंने यह गोली दी, सारे दिमागी नक्सल बाहर निकलने लगे लेकिन जनता उनका असली रंग देख रही है.” विरोधियों पर निशाना साधते हुए Prime Minister ने देश में दो तरह के लोगों का जिक्र किया. एक वो जो समाज की शक्ति को राष्ट्र की शक्ति में सकारात्मक रूप से बदलते हैं. दूसरे वो जो हर मुद्दे पर “नाराज फूफा” बन जाते हैं.

उन्होंने तंज कसते हुए कहा था, “उनका एक ही डायलॉग है. इसकी क्या जरूरत है? जब हम दुनिया की सबसे बड़ी मूर्ति बना रहे थे, तो उन्होंने कहा, इसकी क्या जरूरत है? बुलेट ट्रेन, यूपीआई, चिप, नई संसद को लेकर भी उन्होंने यही कहा. जब हमने देश के लिए जान देने वाले सेना के वीरों के लिए स्मारक बनाया, तो फिर फूफा जी मैदान में आ गए, लेकिन ऐसे फूफाओं को India ने मुंहतोड़ जवाब दिया.”