पीएम मोदी और उनके पोलिश समकक्ष ने यूएनएससी में सूचीबद्ध आतंकी संगठनों पर कड़ी कार्रवाई का किया आह्वान

New Delhi, 22 अक्टूबर . Prime Minister Narendra Modi और पोलैंड के पीएम डोनाल्ड टस्क ने Thursday को आतंकवाद और हिंसक उग्रवाद की कड़ी निंदा करते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से आतंकवाद के सुरक्षित ठिकानों और उसके ढांचे को पूरी तरह समाप्त करने की दिशा में लगातार काम करने का आह्वान किया.

हैदराबाद हाउस में हुई द्विपक्षीय वार्ता के दौरान दोनों नेताओं ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) की 1267 प्रतिबंध समिति द्वारा सूचीबद्ध आतंकियों और आतंकी संगठनों के खिलाफ मजबूत और समन्वित कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया.

बाद में जारी संयुक्त वक्तव्य में कहा गया, “दोनों लीडर्स ने कहा कि आतंकवाद का किसी भी रूप में कोई औचित्य नहीं हो सकता और इसके खिलाफ वैश्विक सहयोग को और मजबूत किया जाना चाहिए. आतंकवाद के वित्तपोषण, पनाहगाहों और आतंकी ढांचे को खत्म करने के लिए अंतरराष्ट्रीय प्रयासों को तेज करने पर भी सहमति जताई. उन्होंने 22 अप्रैल 2025 को जम्मू कश्मीर के पहलगाम आतंकी हमले की सख्त निंदा की.”

इसमें आगे कहा गया, “उन्होंने आतंकवादियों और आतंकवादी संगठनों के खिलाफ कड़ी और एकजुट कार्रवाई का आह्वान किया, जिसमें वे संगठन भी शामिल हैं जिन्हें यूएनएससी 1267 प्रतिबंध समिति ने नामित किया है. दोनों पक्षों ने सभी देशों से यह भी कहा कि वे आतंकवादियों के सुरक्षित ठिकानों और उनके बुनियादी ढांचे को खत्म करने की दिशा में काम करना जारी रखें, और साथ ही आतंकवाद को मिलने वाली फंडिंग के नेटवर्क को भी तोड़ें. दोनों नेताओं ने संयुक्त राष्ट्र में ‘अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद पर व्यापक सम्मेलन’ (सीसीआईटी) को जल्द से जल्द अपनाए जाने की मांग की. वे आतंकवाद-रोधी मुद्दों पर बातचीत करने के लिए भी सहमत हुए.”

Prime Minister मोदी और टस्क ने संयुक्त राष्ट्र (यूएन) चार्टर को केंद्र में रखते हुए बहुपक्षवाद के महत्व पर जोर दिया. दोनों पक्षों ने संयुक्त राष्ट्र में संरचनात्मक सुधार की मांग की, जिसमें संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) का विस्तार (स्थायी और अस्थायी दोनों श्रेणियों में) शामिल है, ताकि इसे प्रासंगिक, विश्वसनीय और प्रभावी बनाए रखा जा सके.

संयुक्त बयान में कहा गया, “पोलैंड ने एक अधिक समावेशी, और विस्तारित यूएनएससी में India की सदस्यता का समर्थन किया. साथ ही, 2028-29 के लिए यूएनएससी में अस्थायी सीट के लिए India की उम्मीदवारी का भी समर्थन दोहराया.”

दोनों नेताओं ने अंतरराष्ट्रीय सहयोग के लिए एक प्रमुख मंच के रूप में जी20 की भूमिका को रेखांकित किया. उन्होंने जी20 के उन ट्रैक्स और कार्य-क्षेत्रों में सहयोग करने की इच्छा जताई, जिनमें पोलैंड हिस्सा लेता है या भविष्य में उसे शामिल होने के लिए आमंत्रित किया जा सकता है.

Prime Minister मोदी और पीएम टस्क ने एक स्वतंत्र, खुले, शांतिपूर्ण और समृद्ध हिंद-प्रशांत क्षेत्र के महत्व को दोहराया. साथ ही, उन्होंने 1982 के ‘संयुक्त राष्ट्र समुद्र कानून कन्वेंशन’ (यूएनसीएलओएस) सहित अंतरराष्ट्रीय कानूनों का सम्मान करने पर जोर दिया. उन्होंने नौवहन की स्वतंत्रता और अंतरराष्ट्रीय कानूनों के अनुसार विवादों के शांतिपूर्ण समाधान के महत्व को रेखांकित किया. संयुक्त बयान के अनुसार, India ने पोलैंड को ‘हिंद-प्रशांत महासागर पहल’ (आईपीओआई) में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है.

दोनों नेताओं ने India और ‘विशेग्राद समूह’ (वी4) (जिसमें पोलैंड, हंगरी, चेक गणराज्य और स्लोवाक गणराज्य शामिल हैं) के बीच विदेश मंत्रियों की पहली बैठक का भी स्वागत किया. उन्होंने ‘वी4+भारत’ प्रारूप के माध्यम से सहयोग को मजबूत करने और साझा हितों पर काम करने की प्रतिबद्धता जताई.

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केआर/