
शेखपुरा, 26 अक्टूबर . Prime Minister सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम योजना (पीएमएफएमई) शेखपुरा के युवाओं के लिए रोजगार का नया जरिया बन रही है. कभी रोजगार की तलाश में भटकने वाले शेखपुरा के संजीत वर्णवाल आज इसी योजना का लाभ लेकर मशरूम उत्पादन का सफल व्यवसाय चला रहे हैं और करीब 10 से अधिक लोगों को रोजगार दे रहे हैं.
संजीत ने दिल्ली से ग्रेजुएशन करने के बाद एक निजी कंपनी में करीब एक साल तक नौकरी की. नौकरी से संतुष्टि न मिलने पर वह शेखपुरा लौट आए और अनाज का कारोबार शुरू किया, लेकिन इससे उन्हें अपेक्षित आमदनी नहीं हुई. इसी दौरान एक दोस्त के साथ उद्योग विभाग कार्यालय जाने पर उन्हें पीएमएफएमई योजना की जानकारी मिली.
योजना के तहत आवेदन मंजूर होने के बाद संजीत ने मशरूम उत्पादन का काम शुरू किया. आज उनका कारोबार तेजी से बढ़ रहा है. उनके यहां उत्पादित मशरूम की पैकिंग कर शेखपुरा शहर के अलावा लखीसराय, नवादा, जमुई और पश्चिम बंगाल तक सप्लाई की जाती है.
संजीत ने कहा कि वह Prime Minister को धन्यवाद देना चाहते हैं. Government ने बेरोजगार युवाओं के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं, जिनका लाभ लेकर युवा नौकरी मांगने वाले नहीं, बल्कि दूसरों को रोजगार देने वाले बन सकते हैं. उन्होंने कहा कि पीएमएफएमई योजना का लाभ लेकर आज वह खुद आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं.
उन्होंने कहा कि युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित करने वाली ऐसी योजनाओं से देश में रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं. आने वाले समय में देश के युवा अपनी मेहनत और सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर आत्मनिर्भर बनेंगे और बेरोजगारी की समस्या को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे.
पीएमएफएमई योजना के लाभार्थी संजीत वर्णवाल ने से बातचीत करते हुए कहा, “यह योजना हम जैसे छोटे कारोबारियों और बेरोजगार युवाओं की मदद कर रही है, जिससे हमें आगे बढ़ने का मौका मिल रहा है. Government बिना किसी गिरवी के 10 लाख रुपए तक का लोन देती है. पहले मैं धान के कारोबार में था, लेकिन मैं मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में आना चाहता था. तभी मुझे मशरूम की खेती के बारे में पता चला और मैंने पीएमएफएमई योजना के तहत लोन लिया.”
उन्होंने सुझाव भी दिया कि अगर लोन मिल जाए और कारोबार अच्छा चलने लगे तो लोन को समय से पहले चुकाने की सुविधा होनी चाहिए और बड़ी रकम का लोन भी मिलना चाहिए.
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एससीएच/डीकेपी
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