
Mumbai /पालघर, 7 सितंबर . Maharashtra के उपChief Minister और शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे ने पालघर के एक निजी अस्पताल में डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों के साथ कथित दुर्व्यवहार के मामले को गंभीरता से लेते हुए बड़ी कार्रवाई की है.
एकनाथ शिंदे ने इस मामले में शिवसेना पालघर शहर प्रमुख राहुल घरत को पार्टी से निलंबित कर निष्कासित करने की घोषणा की.
गोवा में पश्चिमी क्षेत्रीय परिषद की बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में एकनाथ शिंदे ने पालघर की घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया. उन्होंने कहा कि डॉक्टरों या अस्पताल कर्मचारियों के साथ मारपीट किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है.
उन्होंने कहा, “यदि किसी मरीज के इलाज को लेकर कोई शिकायत थी तो कानूनी रास्ता अपनाया जाना चाहिए था. कानून को अपने हाथ में लेना गलत है और शिवसेना ऐसे कृत्यों का समर्थन नहीं करेगी.”
शिंदे ने स्पष्ट किया कि इस मामले में शामिल राहुल घरत के खिलाफ पार्टी स्तर पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कार्यकर्ताओं को चेतावनी देते हुए कहा कि डॉक्टरों के साथ हिंसा या दुर्व्यवहार किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
यह कार्रवाई उस घटना के बाद की गई है, जिसमें पालघर Police ने 17 लोगों के खिलाफ First Information Report दर्ज की है. आरोप है कि एक समूह ने पालघर के रिलीफ अस्पताल में घुसकर डॉक्टरों और कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार किया, अस्पताल स्टाफ से मारपीट की और आईसीयू से एक मरीज को जबरन बाहर ले गया.
जानकारी के अनुसार, दही हांडी उत्सव के दौरान मानव पिरामिड बनाते समय घायल हुए गोविंदा पथक के पांच सदस्यों को इलाज के लिए अस्पताल लाया गया था. इनमें तीन मरीजों का ओपीडी में उपचार किया गया, जबकि दो को सिर और रीढ़ की चोटों के कारण भर्ती कराया गया.
19 वर्षीय ओंकार कलवाडकर को सिर में चोट लगने और बेहोशी की स्थिति के कारण आईसीयू में निगरानी में रखा गया था.
अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, विवाद उस समय बढ़ा जब कुछ स्थानीय Political कार्यकर्ताओं ने सीटी स्कैन और एमआरआई जैसी जांचों की आवश्यकता पर सवाल उठाया और बकाया चिकित्सा बिल चुकाए बिना मरीजों को डिस्चार्ज करने की मांग की.
अस्पताल के निदेशक विशाल गोडगिकारकर ने बताया कि करीब 19,866 रुपए के बिल पर 20 प्रतिशत की छूट देने के बावजूद संबंधित लोग भुगतान करने को तैयार नहीं हुए और आक्रामक हो गए.
अस्पताल के cctv फुटेज में कथित तौर पर कुछ लोगों को अस्पताल के इमरजेंसी और प्रतिबंधित क्षेत्रों में घुसते हुए देखा गया है.
आरोप है कि समूह ने ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर से अभद्र व्यवहार किया, अस्पताल को गिराने की धमकी दी और बीच-बचाव करने वाले बिलिंग रिसेप्शनिस्ट विवेक बाबुलिंगा को थप्पड़ मार दिया.
इसके बाद कुछ लोग आईसीयू में पहुंचे, कर्मचारियों को धमकाया और एक मरीज की मेडिकल निगरानी में इस्तेमाल हो रही व्यवस्था हटाकर उसे बिना चिकित्सकीय अनुमति के अस्पताल से बाहर ले गए.
अस्पताल प्रबंधन की शिकायत पर पालघर Police ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) तथा Maharashtra मेडिकल सेवा संस्थान एवं कर्मचारियों के संरक्षण संबंधी कानून की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है.
First Information Report में नामजद आरोपियों में शिवसेना पालघर जिला प्रमुख कुंदन सांखे, शहर प्रमुख राहुल घरत और स्थानीय विधायक राजेंद्र गावित के पुत्र रोहित गावित शामिल हैं.
Police cctv फुटेज की जांच और गवाहों के बयान दर्ज कर रही है. वहीं विपक्षी दलों और मेडिकल संगठनों ने घटना की निंदा करते हुए अस्पतालों में सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है.
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एएमटी/डीकेपी
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