‘पाकिस्‍तान में मंदिर को तोड़ना गलत,’ कांग्रेसी नेताओं ने जताई आपत्ति

नई दिल्‍ली, 3 सितंबर . Pakistan में 100 साल पुराने मंदिर को गिराए जाने पर विपक्ष के नेताओं ने कड़ी आपत्ति जताई है. उन्होंने कहा कि धार्मिक स्‍थलों पर तोड़फोड़ की कार्रवाई गलत है.

कांग्रेस नेता इमरान मसूद ने कहा कि धर्मिक स्थल कहीं का हो, उसे तोड़ना दुखद है. ये देशों के बनने से पहले के धर्मिक स्‍थल हैं, उनको तोड़ा जाना पूरी तरह से असंवैधानिक है.

कांग्रेस सांसद मनोज कुमार ने समाचार एजेंसी से बातचीत करते हुए कहा कि मंदिर-मस्जिद और चर्च से लोगों की आस्‍था जुड़ी होती है. हिंदुओं की आस्‍था मंदिर से, मुसलमानों की मस्जिद से और क्रिश्चियन लोगों की आस्‍था चर्च से जुड़ी है. धर्मिक स्‍थलों पर कार्रवाई करने से पहले विचार करना चाहिए. पाकिस्‍तान को ऐसा नहीं करना चाहिए था. अगर कोई कारण है तो वहां की Government को लोगों को सही तरीके से जवाब देना चाहिए.

कांग्रेस नेता उदित राज कहते हैं, “Pakistan एक नाकाम देश है, धार्मिक देश है. उसी रास्ते पर यह Government भी चलने की कोशिश कर रही है. वहां लोकतंत्र नहीं है, इसलिए धार्मिक अल्पसंख्यक वहां सुरक्षित नहीं हैं. ईसाई गायब हो गए हैं, और दूसरी बात यह है कि सिख भी वहां से चले गए हैं, और बंटवारे के बाद हिंदुओं और मुसलमानों का बंटवारा हुआ, उसके बाद से हिंदू भी वहां से आते रहें.”

इमरान मसूद ने राम मंदिर के सीईओ के तौर पर एयर मार्शल (रिटायर्ड) जितेंद्र मिश्रा की नियुक्ति पर कहा, “यह मेरा विषय नहीं है. यह काम तो साधु-संतों को करना था. क्या उन्हें कोई ईमानदार साधु या संत नहीं मिला? चोरी इसलिए हुई क्योंकि यह काम साधु-संतों से छीन लिया गया था. वरना, क्या रामलला का काम पहले से नहीं चल रहा था?”

एएसएच/डीकेपी