पाकिस्तान टीम का प्रदर्शन पिछले 70 सालों में सबसे खराब, ये खेल क्यों रहे: दानिश कनेरिया

New Delhi, 1 सितंबर . Pakistan क्रिकेट टीम एक बार फिर से अपने खराब प्रदर्शन की वजह से चर्चा में है. बाबर आजम की कप्तानी वाली Pakistan टीम 3 टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए इंग्लैंड में है. शुरुआती 2 टेस्ट गंवाकर Pakistan सीरीज में 2-0 से पीछे है. सीरीज हारने के बाद Pakistan टीम और मैनेजमेंट फिर से सवालों घेरे में है. पूर्व Pakistanी स्पिनर दानिश कनेरिया का कहना है कि पिछले 70 साल में उन्होंने Pakistan टीम की ऐसी दुर्दशा नहीं देखी.

से खास बातचीत में दानिश कनेरिया Pakistan क्रिकेट टीम की बल्लेबाजी, गेंदबाजी, कप्तानी, टीम चयन, चयनकर्ताओं और प्रबंधन से जुड़े अन्य विषयों पर बात की और Pakistan क्रिकेट टीम की मौजूदा स्थिति को बेहद निराशाजनक बताया.

उन्होंने कहा, “पिछले 70 साल में Pakistan क्रिकेट टीम की स्थिति सबसे खराब है. हारना बुरा नहीं है, लेकिन Pakistan टीम के किसी भी खिलाड़ी द्वारा कोई संघर्ष या फिर जूझने की क्षमता दिखाई नहीं पड़ती. यह सबसे बुरी स्थिति है.”

कनेरिया ने कहा, “Pakistan के खराब प्रदर्शन की जिम्मेदारी लेने के लिए कोई तैयार नहीं है. खिलाड़ी हों या चयनकर्ता किसी ने भी जिम्मेदारी नहीं ली है. टीम बिना किसी रणनीति के चल रही है. पहले बाबर आजम कप्तान थे. उन्हें हटाया गया और फिर से उन्हें कप्तान बना दिया गया है. सरफराज अहमद को टेस्ट का कोच बनाया गया था. उन्हें भी अब हटा रहे हैं. किसी को भी जिम्मेदारी दी जाती है, तो उन्हें पर्याप्त समय दिया जाना चाहिए. अब क्या बाबर को कप्तानी से हटाकर फिर से शान मसूद को कप्तान बनाएंगे.”

दानिश ने कहा, “मुझे सूचना मिली थी कि यूनिस खान को मुख्य चयनकर्ता बनाया जा सकता है. यह खबर सुनकर मुझे खुशी हुई थी. यूनिस अपनी मेहनत की बदौलत इतने उपर आए हैं और Pakistan टीम के लिए बहुत कुछ किया है. उनमें एक बेहतरीन टीम बनाने की क्षमता है. लेकिन, उनकी शर्तों को Pakistan क्रिकेट बोर्ड नहीं माना और वे चयनकर्ता नहीं बने. फिलहाल जो लोग हैं उन्होंने टीम की स्थिति खराब कर दी है. आप टेस्ट क्रिकेट खेलने इंग्लैंड जा रहे हैं और आपके पास 120 की गति से गेंदबाजी करने वाला गेंदबाज है, जबकि वहां की स्थिति के हिसाब से 140 से 150 की गति वाला गेंदबाज चाहिए. आपके स्पिनर भी नहीं है. टेस्ट मैच गेंदबाज जिताता है, टीम में ढंग के गेंदबाज ही नहीं हैं.”

उन्होंने कहा, “मोहम्मद अब्बास इंग्लैंड में काउंटी खेलता है और अच्छी गेंदबाजी करता है. आप उसे टीम में लाते हैं और फिर बाहर कर देते हैं. साजिद खान अच्छा प्रदर्शन करता है आप उसे बाहर कर देते हैं. टीम में शामिल गेंदबाज साधारण हैं. उनमें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गेंदबाजी का कौशल नहीं है.”

कनेरिया ने कहा, “बल्लेबाजी का भी वही हाल है. बाबर आजम और मोहम्मद रिजवान को समझ ही नहीं आ रहा कि बल्लेबाजी कैसे करनी है. आर्चर पर जैसे बाबर आउट हुआ, वो हास्यास्पद था. निचले क्रम के बल्लेबाज इस तरह आउट होते हैं. बाबर गेंद के सामने ही नहीं आ सका. रिजवान को टीम में क्यों रखा, यह समझ से परे है. रिजवान की बल्लेबाजी और कीपिंग दोनों साधारण है.”

चयनकर्ताओं पर तंज कसते हुए कनेरिया ने कहा, “मैंने सुना है कि इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे टेस्ट के लिए Pakistan टीम में 7 बदलाव हुए हैं. इन खिलाड़ियों को पहले क्यों नहीं ले जाया गया. इन्हें पता ही नहीं की कौन सी टीम खिलानी है. Pakistan टीम पहले अपने तेज गेंदबाजों के लिए जानी जाती थी. अब ऐसा कुछ भी नहीं है. हमारे पास अच्छे स्पिनर भी होते थे. अब हमारे पास न अच्छे बल्लेबाज हैं, न तेज गेंदबाज और न ही स्पिनर. मैं तो यह सोच रहा हूं कि ये खेल ही क्यों रहे हैं?”

उन्होंने कहा, “मैं बांग्लादेश टीम की प्रशंसा करना चाहता हूं. वे ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दूसरा टेस्ट जरूर हारे, लेकिन पहला टेस्ट उन्होंने बेहतरीन अंदाज में जीता. उनके पास 140 से उपर की गति से गेंदबाजी वाले गेंदबाज हैं. हमारे पास कुछ भी नहीं है. बांग्लादेश के पास बेहतरीन कोचिंग टीम है, जिसका परिणाम हमें देखने को मिल रहा है. हमें भी बाहर से बेहतर कोच लाना होगा. बाहर को कोच यहां भी आते हैं, लेकिन वे अपने काम में यहां के लोगों का हस्तक्षेप पसंद नहीं करते, वो यहां के लोगों को बुरा लगता है.”

कनेरिया ने कहा, “Pakistan क्रिकेट का दुनियाभर में मजाक बन रहा है. फैन मैच देखना छोड़ रहे हैं. फैन ही जब मैच नहीं देखेंगे तो ब्राडकास्टर भी मैच दिखाने के इच्छुक नहीं होंगे. इंग्लैंड में हमारी टीम को काउंटी टीम से भी नीचे स्तर का आंका जा रहा है. इससे बुरा क्या होगा. हमें लोगों से सवाल पूछना होगा. सबकी जिम्मेदारी तय करनी होगी. प्रशासन में, चयनकर्ता के रूप में और कोचिंग में ऐसे लोगों को लाना होगा, जो प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को मौका दें न कि नाते-रिश्तेदारों की टीम बनाएं. आकिब जावेद पहले क्रिकेट निदेशक बने, फिर चयनकर्ता बने, फिर न जाने क्या-क्या बने. इन्हें ओहदे मिलते जा रहे हैं, लेकिन क्रिकेट कहां जा रहा है. हमारे पास अच्छा क्रिकेट ही नहीं है.”

पूर्व स्पिनर ने कहा कि हमलोग भी अपने जमाने में हारते थे, लेकिन लड़कर हारते थे. आप कम से कम लड़ो तो. यहां तो कोशिश भी नहीं है. तु चल में आया वाली स्थिति है. पैसे मिल रहे हैं सबको. Pakistan क्रिकेट में गिरावट यहां कि घरेलू क्रिकेट की संरचना में बदलाव की वजह से ही हुई है. पहले एसोसिएशन के बीच कायदे आजम ट्रॉफी होती थी, फिर पैट्रन ट्रॉफी होती थी जिसमें विभाग खेलते थे. इसी वजह से Pakistan क्रिकेट लगातार बेहतर हुई. इस संरचना में बदलाव किया गया. विभाग वाली क्रिकेट बंद की गई. इससे Pakistan क्रिकेट का नुकसान हुआ है. बेहतर क्रिकेटर नहीं आ रहे. इंग्लैंड का मॉडल यहां लाया गया, जो नहीं चला.

कनेरिया ने बीसीसीआई की प्रशंसा करते हुए कहा कि बीसीसीआई ने खिलाड़ियों से अनुबंध वाले पत्र में घरेलू क्रिकेट में कुछ मैच खेलने की जरूरी शर्त रखी है. हमारा कोई लड़का घरेलू क्रिकेट नहीं खेलता है.

कनेरिया ने कहा कि Pakistan में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की कोई कमी नहीं है, लेकिन उन्हें रणनीतिक रूप से खत्म कर दिया गया है, या जा रहा है. Pakistan टीम का चयन Pakistan सुपर लीग (पीएसएल) के आधार पर हो रहा है, जिसका कोई स्तर नहीं है. हमारी घरेलू क्रिकेट काफी मुश्किल है. वहां अच्छे खिलाड़ी हैं, लेकिन हमारे चयनकर्ता घरेलू मैच देखने क्यों नहीं जाते? अच्छे खिलाड़ियों का चयन क्यों नहीं करते. उन्हें पैसा क्यों दिया जाता है. चयनकर्ता सिर्फ टूर पर जाते हैं और मीटिंग में चाय पीकर टीम का चयन करते हैं. हमारे समय में चयनकर्ता मैच देखने आते थे. खिलाड़ियों का खेल देखने के साथ ही अंपायरों से खिलाड़ियों के बारे में फीडबैक लेते थे. घरेलू क्रिकेट में अंपायरिंग भी अब नाते-रिश्तेदारी के आधार पर चल रही है. अंपायरों को कोई जानकारी नहीं है.

उन्होंने कहा, “Pakistanी टीम को कुछ खिलाड़ियों को ईर्द-गिर्द घुमाया जा रहा है. इसे बेहतर बनाने के लिए चयन समिति और कोच के रूप में योग्य आदमी चाहिए. मौजूदा टीम के खराब प्रदर्शन करने वालों को हटाइए और घरेलू क्रिकेट से लड़कों को लाकर नई टीम बनाने की जरूरत है. कोच को एक साल का समय दिया जाना चाहिए. उन्हें टारगेट दीजिए और एक साल बाद रिपोर्ट लीजिए. इससे जिम्मेदारी तय होगी. लेकिन जब भी क्रिकेट पर चर्चा करने की बात आती है Pakistan में मुद्दा ही बदल दिया जाता है. हमारी टेस्ट सीरीज चल रही है, लेकिन बात हो रही है कि खिलाड़ी स्वेटर कितने बड़े-बड़े पहन रहे हैं.”

दानिश कनेरिया ने हाल ही में India और श्रीलंका के बीच हुए टेस्ट सीरीज पर भी बात की और श्रीलंकाई बल्लेबाज सोनल दिनुषा की तारीफ की और कहा कि उनका भविष्य उज्ज्वल है.

पूर्व Pakistanी स्पिनर ने श्रीलंका के कोच गैरी कर्स्टन की तारीफ करते हुए कहा कि उन्हें पता है कि टीम को कैसे उपर उठाना है. 7 से 8 महीने के बाद श्रीलंका बहुत खतरनाक टीम हो जाएगी. टीम में युवा प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को जगह दी गई है. गैरी कर्स्टन Pakistan के भी हेड कोच बने थे, लेकिन यहां अच्छे लोग टिकते नहीं हैं.

पीएके