
लाहौर, 13 अक्टूबर . Pakistan के पंजाब में Tuesday तड़के Express Train बेपटरी हो गई. इस हादसे में 6 लोगों की मौत हो गई. स्थानीय मीडिया ने बचाव अधिकारियों के हवाले से बताया कि मुल्तान में शेर शाह ब्रिज के पास रहमान बाबा एक्सप्रेस के सभी 14 डिब्बे पटरी से उतर गए थे. रेल हादसे में 40 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं.
घायलों को इलाज के लिए मुल्तान के निश्तर अस्पताल ले जाया गया, जबकि बचाव दल दुर्घटना स्थल पर तैनात है. जियो न्यूज ने एक यात्री से बातचीत के आधार पर कहा कि यह हादसा सुबह करीब 5:15 बजे हुआ. ट्रेन कराची से पेशावर जा रही थी.
‘रेस्क्यू 1122’ (बचाव दल टीम) के अधिकारी मुहम्मद अरशद ने अंग्रेजी दैनिक ‘डॉन’ को बताया कि इस घटना में 49 लोग घायल हुए हैं और बचाव अभियान चल रहा है.
‘डॉन’ से बात करते हुए ट्रेन ड्राइवर ने बताया कि ट्रेन 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही थी. उन्होंने कहा, “सिग्नल क्लियर था, और जब मैं शेर शाह स्टेशन इलाके से गुजर रहा था, तो मुझे अचानक एक झटका महसूस हुआ. ब्रेक लगाए और ट्रेन को रोकने में कामयाब रहा. फिर जब मैं इंजन से बाहर निकला और पीछे मुड़कर देखा, तो पाया कि यात्री कोच पटरी से उतर गए थे और पटरी से दूर पड़े थे. यह खौफनाक था.”
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पिछले एक साल में ट्रेन के पटरी से उतरने की कई घटनाएं हुई हैं, जो Pakistanी रेलवे (पीआर) की ओर से बरती जा रही लापरवाही और ढुलमुल रवैए की तस्दीक करता है. 1 अक्टूबर को, दो पैसेंजर ट्रेनें—शालीमार एक्सप्रेस और Pakistan एक्सप्रेस—पटरी से उतरने के बाद बड़े हादसों से बाल-बाल बची थीं, जबकि गुज्जर खान के पास ट्रैक पर जाफर एक्सप्रेस के साथ भी एक छोटा हादसा हुआ.
उस समय, पीआर के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर हफीजुल्ला ने कहा था कि ये हादसे पिछले पांच सालों में सही देख-रेख न होने की वजह से हुए थे.
वहीं, अगस्त में, यूसुफवाला कोयला ट्रेन फिरोजा रेलवे स्टेशन (खानपुर और लियाकतपुर के बीच) के पास लूपलाइन पर रेत के ढेर से टकराकर पटरी से उतर गई थी. उसी दिन, मेन लाइन-1 (लाहौर-रावलपिंडी ट्रैक) पर झेलम जिले के काला गुजरान के पास एक पैसेंजर ट्रेन (रावल एक्सप्रेस) पटरी से उतर गई, जिससे रेल सेवा बाधित हुई थी.
4 अगस्त को भी हजारा एक्सप्रेस भी हादसे का शिकार हो गई थी, जब ड्राइवर ने कथित तौर पर ट्रेन को आगे बढ़ा दिया और वह रेत के ढेर से टकरा गई थी, जिससे रोलिंग स्टॉक और दूसरे इंफ्रास्ट्रक्चर को नुकसान पहुंचा.
28 जुलाई को, लाहौर जाने वाली ट्रेन भी पटरी से उतर गई थी, जबकि उसी दिन पंजाब के ही मुजफ्फरगढ़ के पास एक Express Train का इंजन खराब हो गया था.
5 जुलाई को, कराची जाने वाली शालीमार एक्सप्रेस खानेवाल के पास पटरी से उतर गई थी और इसके पंद्रह दिन बाद यानी 20 जुलाई को लाहौर में बुल्ले शाह पैसेंजर ट्रेन का एक कोच पटरी से उतर गया था. 22 जुलाई को एक और बड़ा हादसा हुआ जब कराची कैंट रेलवे स्टेशन के पास हजारा एक्सप्रेस के चार पैसेंजर कोच पटरी से उतर गए थे.
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केआर/
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