पाकिस्तान के केपी में कभी भी लग सकता है आपातकाल: सीएम की खुली चुनौती, ‘तुर्की का उदाहरण देना भूल जाएंगे लोग’

पेशावर, 11 अक्टूबर . Pakistan के प्रांत खैबर पख्तूनख्वा में आपातकाल लगाने की तैयारी पूरी हो चुकी है और Police प्रशासन को भी अलर्ट मोड पर रख दिया गया है. Pakistan तहरीक-ए इंसाफ (पीटीआई) यहां सत्तारूढ़ दल है और Chief Minister फायर ब्रांड सोहेल अफरीदी हैं. उन्होंने Sunday को संघीय Government की इन कोशिशों को खुली चुनौती दी है.

social media प्लेटफॉर्म एक्स पर अफरीदी ने कहा, केपी के Police इंस्पेक्टर जनरल जुल्फिकार हमीद ने Saturday को जिला Police को अलर्ट कर दिया है. अगर केंद्र Government प्रांत में इमरजेंसी लगाती है, तो हिंसक विरोध और तोड़फोड़ की आशंका पूरी है.

उन्होंने फिर चेतावनी भरे अंदाज में कहा, “आपातकाल या Governor शासन की घोषणा के बाद, लोग तुर्की का उदाहरण देना भूल जाएंगे.”

शायद उन्होंने प्रथम विश्व युद्ध के बाद हुए तुर्की राष्ट्रीय आंदोलन का जिक्र किया. ये आंदोलन व्यापक तौर पर ऑटोमन साम्राज्य के विघटन और मित्र राष्ट्रों के कब्जे के खिलाफ 1919 में शुरू हुआ था. इसका नेतृत्व मुस्तफा कमाल पाशा (अतातुर्क) ने किया था. बाद में मुस्तफा कमाल पाशा के नेतृत्व में ‘तुर्की की ग्रैंड नेशनल असेंबली’ का गठन हुआ था. फिर 1923 में रिपब्लिक ऑफ टर्की यानी आधुनिक तुर्की गणराज्य की स्थापना हुई और पाशा इसके पहले President बने थे.

केपी में आपातकाल की बात करें तो स्थानीय मीडिया ने भी दावा किया है कि आईजीपी (Police महानिरीक्षक) कार्यालय से जारी एक नोटिफिकेशन में विरोध प्रदर्शनों से निपटने के लिए गाइडलाइन बताई गई है और चेतावनी दी गई है कि शरारती तत्व और Government विरोधी तत्व प्रदर्शनों का फायदा उठाकर हिंसा भड़का सकते हैं और तोड़फोड़ कर सकते हैं.

डॉन के अनुसार, इसमें कहा गया है, “विरोध प्रदर्शनों के दौरान जान-माल की सुरक्षा और तोड़फोड़ को रोकने के लिए, डीपीओ, सब-डिवीजनल Police अधिकारियों और स्टेशन हाउस अधिकारियों को अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में सभी विरोध प्रदर्शनों पर खुद नजर रखनी चाहिए.”

नोटिफिकेशन में कहा गया है कि जिला Police को यह पक्का करना चाहिए कि विरोध प्रदर्शनों के दौरान व्यवस्था बनाए रखने के लिए एसडीपीओ और एसएचओ को काफी लोग उपलब्ध कराए जाएं. “डिप्लॉयमेंट में एंटी-रॉयट गियर से लैस एंटी-रॉयट स्क्वॉड, रिजर्व इंस्पेक्टर या मोहर्रर के इस्तेमाल के लिए चेक और वेरिफाइड गैस गन और शेल की पर्याप्त सप्लाई, उपद्रवियों और हिंसक प्रदर्शनकारियों की पहचान करने और उन्हें पकड़ने के लिए बिना हथियार वाले लोगों की स्पेशल स्क्वॉड, और हिंसक प्रदर्शनकारियों, उपद्रवियों और तोड़फोड़ करने वालों की पहचान करने के लिए सादे कपड़ों में लोग शामिल होने चाहिए. हथियारबंद लोगों को सिर्फ़ बहुत ज़रूरी या सही जगहों पर ही बहुत ज़रूरी हालात में तैनात किया जाना चाहिए.”

इसमें यह भी कहा गया है कि अगर कोई व्यक्ति केपी Police एक्ट, 2017 के सेक्शन 86(1) के तहत बंदूक या कोई ऐसी चीज ले जा रहा है, तो Police उसे जब्त कर सकती है और Pakistan पीनल कोड के सेक्शन 148 के तहत उस पर कानूनी कार्रवाई कर सकती है.

जियो न्यूज ने सूत्रों के हवाले से बताया कि संघीय कैबिनेट ने संविधान के अनुच्छेद 232 और 234 के तहत खैबर पख्तूनख्वा में आपातकाल और गवर्नर शासन लागू करने का फैसला किया है. यह फैसला संघीय कैबिनेट की बैठक में लिया गया है.

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केआर/