पाकिस्तान: इमरजेंसी लगने के बाद खैबर पख्तूनख्वा में हिंसा बढ़ी, गवर्नर हाउस को लगाई गई आग

इस्लामाबाद, 12 अक्टूबर . Pakistan के खैबर पख्तूनख्वा (केपी) में गवर्नर हाउस में आग लगा दी गई. यह घटना बढ़ते Political तनाव और इलाके में बिगड़ती सुरक्षा स्थिति के बीच हुई. ऐसा संघीय Government के प्रांत में इमरजेंसी लगाने के बाद हुआ है.

social media पर पोस्ट किए गए वीडियो क्लिप में, गवर्नर हाउस आग की लपटों में घिरा हुआ दिख रहा है, जबकि दूसरे फुटेज में प्रांत के विभिन्न शहरों में Police को गोलाबारी करते देखा जा सकता है.

आगजनी की घटना से प्रांत में बिगड़ती कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर चिंता बढ़ गई है. हालांकि, आग लगने के हालात, असल नुकसान और किसी के हताहत होने के बारे में और जानकारी तुरंत नहीं मिल पाई है.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, Sunday को इमरजेंसी के विरोध में बड़ी संख्या में लोग सड़क पर उतरे. इमरजेंसी लगने से जेल में बंद पूर्व Prime Minister इमरान खान की Pakistan तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी के नेतृत्व वाली प्रांतीय Government सस्पेंड हो गई है.

Pakistanी अखबार द एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, Sunday को केपी में बड़े पैमाने पर सरकारी एजेंसियों की कार्रवाई के बीच पीटीआई के इस्लामाबाद मार्च में रुकावट आई.

इस कार्रवाई में Police ने स्वाबी में 59 और खैबर जिले में छह पीटीआई कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया. रिपोर्ट्स में यह भी बताया गया कि पदच्युत वजीर-ए- आला (चीफ मिनिस्टर) सोहेल अफरीदी और पीटीआई के प्रांतीय अध्यक्ष जुनैद अकबर को हिरासत में ले लिया गया है.

पूरे प्रांत में मुख्य चौराहों और हाईवे पर सुरक्षा बल को तैनात किया गया था, जबकि स्वाबी में मोबाइल फोन और पीटीसीएल इंटरनेट सर्विस सस्पेंड कर दी गई थीं.

एक अलग मामले में, पूर्व मुख्य मंत्री अली अमीन खान गंडापुर ने कहा कि उन्हें डेरा इस्माइल खान में उनके घर पर हाउस अरेस्ट कर लिया गया है.

विपक्षी पार्टियों ने Sunday को केपी में गवर्नर रूल लगाने के केंद्र Government के फैसले का कड़ा विरोध किया. उन्होंने इस कदम को लोकतंत्र पर हमला बताया और कानूनी और पब्लिक प्लेटफॉर्म पर इसे चुनौती देने का वादा किया.

Pakistan के जाने-माने अखबार डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, पीटीआई ने एक बयान में चेतावनी दी कि इस फैसले ने एक “खतरनाक मिसाल” कायम की है. उन्होंने इसे प्रांत की चुनी हुई लीडरशिप को कमजोर करने के इरादे से किया गया Political उत्पीड़न बताया.

इसने Chief Minister सोहेल अफरीदी और जुनैद अकबर को तुरंत रिहा करने की अपील की और मांग की कि केंद्र Government उनके हिरासत के पीछे के कानूनी कारण, खास आरोपों और प्रक्रियाओं का खुलासा करे.

तहरीक-ए-तहफुज आयिन-ए-Pakistan (टीटीएपी) ने भी अदालत, संसद और सार्वजनिक मंच से गवर्नर रूल लगाने का विरोध किया. साथ ही दावा किया कि पीटीआई पूर्व निर्धारित योजना अनुसार ही विरोध प्रदर्शन करेगी.

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केआर/