
काबुल, 15 अक्टूबर . अफगानिस्तान में Pakistan की सुरक्षा एजेंसियों द्वारा समर्थित और प्रशिक्षित आतंकवादियों की सीमा पार घुसपैठ की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं. इस बीच तालिबान ने एक बार फिर अफगानिस्तान के भीतर अशांति पैदा करने के लिए इस्लामाबाद की कड़ी निंदा की है. काठमांडू स्थित हमराकुरा की एक रिपोर्ट में इस बात का उल्लेख किया गया है.
रिपोर्ट के अनुसार, हाल ही में तालिबान ने कहा कि उसकी सेना ने नूरिस्तान में 41 आतंकवादियों को मार गिराया और 62 अन्य को पकड़ा है, जो आईएसआईएस से जुड़े समूहों से संबंधित थे और Pakistanी अधिकारियों द्वारा समर्थित थे.
अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि आतंकवादियों ने Pakistanी सेना के “प्रत्यक्ष मार्गदर्शन और सहयोग” से अफगानिस्तान में घुसपैठ करने की कोशिश की.
अमेरिका ने भी Pakistan पर हक्कानी नेटवर्क, लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) और जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) को अफगानिस्तान में अमेरिकी सैनिकों की तैनाती के दौरान हमले करने की अनुमति देने का आरोप लगाया है. तत्कालीन अमेरिकी ज्वाइंट चीफ्स के अध्यक्ष एडमिरल माइक मुलेन ने कहा था, “हक्कानी नेटवर्क, एक तरह से, Pakistan की खुफिया एजेंसी की एक वास्तविक शाखा के रूप में कार्य करता है.”
India वर्षों से Pakistan पर सीमा पार आतंकवाद, जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों की घुसपैठ और देश भर में बम विस्फोटों व हत्याओं को अंजाम देने में मदद करने का आरोप लगाता रहा है. India ने कई बार Pakistan के सरकारी तत्वों की सक्रिय संलिप्तता के ठोस सबूत पेश किए हैं. पिछले साल अप्रैल में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के जवाब में, India ने Pakistan और Pakistan के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में आतंकी ढांचे को निशाना बनाते हुए हवाई हमले किए थे.
ईरान ने भी Pakistan पर सीमा पार हमले करने वाले ईरान विरोधी तत्वों का समर्थन करने का आरोप लगाया है. तेहरान ने Pakistan की खुफिया एजेंसी इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (आईएसआई) पर आतंकवादियों का समर्थन करने का भी आरोप लगाया है.
जांच में यूरोप में हुए आतंकवादी हमलों और Pakistan स्थित संगठनों के बीच संबंध का पता चला है. यूरोप ने Pakistan को आतंकवाद के लिए सुरक्षित पनाहगाह के रूप में मान्यता दी है, और यूरोपीय संघ शरण एजेंसी (ईयूएए) ने आईएसआई और एलईटी के बीच “मजबूत” संबंध दर्ज किया है, जिसका उल्लेख हमराकुरा की रिपोर्ट में किया गया है.
हमराकुरा ने एक रिपोर्ट में कहा, “यह विडंबना है कि Pakistan पर अफगानिस्तान में आतंकवादियों की घुसपैठ कराने का आरोप लगा है, जिसे वह पहले आतंकवाद का स्रोत कहता था. Pakistan में Government ने पड़ोसियों के खिलाफ रणनीतिक साधन के रूप में आतंकवाद का इकोसिस्टम स्थापित किया. हालांकि, वही आतंकवादी इकोसिस्टम Pakistan के ही खिलाफ हो गया. सुरक्षा नीति के साधन के रूप में आतंकवादी नेटवर्कों के संस्थागतकरण ने Pakistan को आतंकवाद और सीमा पार घुसपैठ का स्रोत और निर्यातक बना दिया है.”
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डीएससी
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