
चंडीगढ़, 17 अक्टूबर . पंजाब भाजपा के पूर्व अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने Chief Minister भगवंत मान के साढू अमरदीप ग्रेवाल को कथित पांच करोड़ रुपए की डील के सिलसिले में Enforcement Directorate (ईडी) द्वारा दिल्ली एयरपोर्ट पर हिरासत में लिए जाने की खबरों पर प्रतिक्रिया दी. जाखड़ ने इस मामले को गंभीर बताते हुए Chief Minister से इस्तीफे की मांग की. उन्होंने दावा किया कि मामले में आगे और खुलासे हो सकते हैं. जाखड़ ने यह भी कहा कि उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री के साथ इस मुद्दे पर चर्चा की है.
सुनील जाखड़ ने कहा कि ऐसा लगता है कि भ्रष्टाचार का मामला Chief Minister भगवंत मान के परिवार तक पहुंच रहा है. कथित पांच करोड़ रुपए की लेन-देन का मामला दो बच्चियों से जुड़े बलात्कार के केस को छिपाने के आरोपों से जुड़ा है. मान Government का नारा महिलाओं के सम्मान की बात करता है, लेकिन मौजूदा विवाद पर Chief Minister को जवाब देना चाहिए. जब तक जांच पूरी नहीं होती और पूरे मामले की सच्चाई सामने नहीं आती, तब तक भगवंत मान को अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए.
जाखड़ ने Chief Minister पर अरविंद केजरीवाल के प्रभाव में काम करने का आरोप भी लगाया. उन्होंने कहा कि पंजाब में वास्तविक सत्ता केंद्र केजरीवाल हैं और इस मामले की जांच की आंच आगे तक पहुंच सकती है. भाजपा नेता ने दावा किया कि कथित भ्रष्टाचार का पूरा नेटवर्क अभी सामने नहीं आया है. उन्होंने आरोप लगाया कि भगवंत मान को इस मामले में सीमित लाभ मिला होगा, जबकि कथित भ्रष्टाचार से जुड़ी बड़ी रकम आम आदमी पार्टी के अन्य नेताओं तक पहुंच सकती है. जांच आगे बढ़ने पर बड़े खुलासे होने की संभावना है.
जाखड़ ने कहा कि Chief Minister को पद छोड़ देना चाहिए और जांच के जरिए दूध का दूध तथा पानी का पानी होना चाहिए. उन्होंने दावा किया कि पंजाब में सत्ता और भ्रष्टाचार के संबंधों की गहराई से जांच जरूरी है.
सुनील जाखड़ ने मानसा में एक ड्रग एक्टिविस्ट की हत्या का जिक्र करते हुए पंजाब Government पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने एक ड्रग इंस्पेक्टर के खिलाफ कथित बरामदगी का हवाला दिया. संबंधित अधिकारी के लॉकर से सात से आठ करोड़ रुपए नकद, घर से करीब डेढ़ करोड़ रुपए, सोना और विदेशी मुद्रा मिलने की बात सामने आई थी. पंजाब के Police महानिदेशक ने भी संबंधित अधिकारी के मामले में मनी लॉन्ड्रिंग और जेल में बंद ड्रग माफिया से संबंधों की बात कही थी. बाद में उसी अधिकारी को बहाल करने के साथ पदोन्नति देकर महत्वपूर्ण पद पर नियुक्त कर दिया गया.
भाजपा नेता ने सवाल उठाया कि यदि ड्रग तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े आरोप गंभीर हैं, तो ऐसे अधिकारी को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी क्यों दी गई. पंजाब में नशे का कारोबार कुछ लोगों के लिए कमाई का जरिया बना हुआ है. जाखड़ ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री द्वारा मानसा के मामले और इससे पहले गुलजार सिंह से जुड़े मामले की फाइलें मंगाए जाने के बाद जांच के लिए महत्वपूर्ण अवसर बना है. सीमा पार से तस्करी और जेलों से संचालित कथित अवैध कारोबार की भी गहराई से जांच होनी चाहिए.
जाखड़ ने आगे कहा कि पंजाब में भ्रष्टाचार और नशे के कारोबार से जुड़े आरोपों की निष्पक्ष जांच जरूरी है, ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके.
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