पहली बार हम भविष्य की ओर उम्मीद से देख रहे, बना सकते हैं विकसित भारत : राजीव चंद्रशेखर

New Delhi, 9 सितंबर . Prime Minister Narendra Modi के 25 वर्ष के जनसेवा के कार्यकाल के उपलक्ष्य में भाजपा द्वारा चलाए जा रहे ‘सेवा संकल्प अभियान’ को लेकर केरल भाजपा अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि इतिहास में पहली बार देश भविष्य की ओर उम्मीद के साथ देख रहा है और India को विकसित राष्ट्र बनाया जा सकता है.

New Delhi में से बातचीत में राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि हम सभी जानते हैं कि Narendra Modi के Prime Minister बनने से पहले भी देश में Prime Minister और Governmentें रही हैं और उनके बाद भी Governmentें आएंगी. हालांकि, पिछले 12 वर्षों में Prime Minister Narendra Modi ने राजनीति में जो बदलाव लाया है, वह अभूतपूर्व है. उन्होंने राजनीति में सेवा की भावना पैदा की और Political संस्कृति में ‘सेवा’ को एक बुनियादी बदलाव के रूप में स्थापित किया है. ऐसा बदलाव पहले कभी महसूस नहीं किया गया.

उन्होंने कहा कि 12 वर्षों की लगातार कड़ी मेहनत और समर्पण के माध्यम से Prime Minister Narendra Modi ने देश के लोगों के जीवन और India के भविष्य में बड़ा बदलाव लाया है. इसके लिए सभी को आभार व्यक्त करना चाहिए और इसे एक उपलब्धि के रूप में मनाना चाहिए. India के इतिहास में पहली बार हम बहुत उम्मीद के साथ अपने भविष्य की ओर देख रहे हैं. 2012-13 के दौर में लोग भविष्य को लेकर निराशा व्यक्त करते थे. आज इतिहास में पहली बार समाज के सभी वर्ग भविष्य की ओर उम्मीद से देख रहे हैं. हमें विश्वास है कि हम विकसित India का निर्माण कर सकते हैं.

पत्रकार अपर्णा कुरुप के खिलाफ First Information Report को लेकर राजीव चंद्रशेखर ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और केरल Government पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि एक तरफ राहुल गांधी संवैधानिक अधिकारों की बात करते हैं. दूसरी तरफ जहां उनकी Government है, वहां क्या हो रहा है. एक इस्लामिक मौलवी यह ऐलान करता है कि महिलाओं को घर पर रहना चाहिए. यह महिलाओं के समानता के मौलिक अधिकार का उल्लंघन है. इसके अलावा, Police ने एक पत्रकार के खिलाफ मामला दर्ज किया, जिसे संविधान के अनुच्छेद 19 के तहत अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का संरक्षण प्राप्त है.

उन्होंने कहा कि अब हमें यह स्पष्ट रूप से समझना होगा कि राहुल गांधी आज एक बहुत अजीब तरह की राजनीति का प्रतिनिधित्व करते हैं. वह एक दिन एक बात कहते हैं, जबकि उनकी Government और उनके Political काम बिल्कुल इसके विपरीत होते हैं. अपर्णा कुरुप की संपादकीय पसंद या उनके झुकाव चाहे जो भी हों और वह चाहे किसी भी संगठन से जुड़ी हों लेकिन एक पत्रकार के तौर पर उन्हें अपनी बात कहने और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का इस्तेमाल करने का अधिकार है. अगर कोई भी इसमें बाधा डालता है चाहे वह गृह मंत्री हों, Chief Minister हों या इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग हो, तो भाजपा और हर मलयाली उनके अधिकारों की रक्षा के लिए पुरजोर लड़ाई लड़ेंगे.

डीकेएम/पीएम