
कोलकाता, 29 सितंबर . Enforcement Directorate (ईडी) ने पश्चिम बंगाल के पूर्व पर्यटन मंत्री इंद्रनील सेन के ठिकानों पर छापेमारी की है. Tuesday सुबह ईडी की टीम ने उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में यह कार्रवाई शुरू की.
इंद्रनील सेन गायक से नेता बने हैं और उन पर पत्नी मधुचंदा सेन के साथ मिलकर यूनेस्को के नाम का गलत इस्तेमाल कर दुर्गा पूजा से पहले के टिकट अवैध रूप से बेचने का आरोप है.
जानकारी के मुताबिक, ईडी के अधिकारियों की एक टीम Tuesday सुबह दक्षिण कोलकाता के कस्बा स्थित सेन के आवास पर पहुंची. बताया जा रहा है कि ईडी की अलग-अलग टीमें शहर में एक साथ 10 जगहों पर तलाशी अभियान चला रही हैं, जिसमें पूर्व मंत्री का घर भी शामिल है.
जिन अन्य जगहों पर केंद्रीय एजेंसी की कार्रवाई चल रही है, उनमें हिंदुस्तान पार्क और हाईलैंड पार्क समेत कई इलाके शामिल हैं. इनमें पूर्व मंत्री के रिश्तेदारों के घर भी हैं. हाईलैंड पार्क में जहां तलाशी ली जा रही है, वह एक इवेंट मैनेजमेंट से जुड़े कारोबारी का घर बताया जा रहा है.
आरोप है कि यूनेस्को टैग का इस्तेमाल कर दुर्गा पूजा टूर के नाम पर ‘फर्जी पास’ बेचे गए. सूत्रों के मुताबिक, शुरुआत में इस पूरे मामले में करीब 60 करोड़ रुपये की हेराफेरी का अनुमान लगाया जा रहा है.
इस मामले में इस साल जून में बौबाजार Police स्टेशन में शिकायत दर्ज की गई थी. यह शिकायत इंद्रनील सेन, पत्नी मधुचंदा सेन और ‘मास आर्ट’ नामक संस्था के खिलाफ की गई थी. मधुचंदा खुद भी इस संस्था से जुड़ी हुई हैं. आरोप है कि विश्वसनीयता हासिल करने के लिए ‘यूनेस्को’ के नाम से ये फर्जी पास बेचे जा रहे थे.
यह शिकायत अंतरराष्ट्रीय संगठन की ओर से जयदीप मुखर्जी ने दर्ज कराई थी. शिकायत के अनुसार, कोलकाता की दुर्गा पूजा को 2021 में यूनेस्को की मान्यता मिलने के छह महीने के भीतर ही ‘मास आर्ट’ नामक यह संस्था बनाई गई थी. यह संस्था खुद को कोलकाता की दुर्गा पूजा को बढ़ावा देने में यूनेस्को का ‘आधिकारिक भागीदार’ बताती है लेकिन यह दावा झूठा बताया जा रहा है. आरोप है कि बिना इजाजत यूनेस्को के नाम, लोगो आदि का इस्तेमाल कर पूजा टूर के टिकट बेचे गए.
यह भी पता चला है कि कोलकाता में दुर्गा पूजा के करीब 24 ‘प्रीव्यू शो’ के पास ऊंचे दामों पर बेचे गए. कुछ मामलों में इन पास की कीमत 1,749 रुपये से लेकर 5,499 रुपये तक थी.
संस्था ने दावा किया था कि यूनेस्को ने उन 24 पूजा पंडालों का चयन किया है लेकिन अब तक इस दावे में कोई सच्चाई नहीं मिली है. आरोप है कि ‘प्रीव्यू शो’ के पास के नाम पर पैसे का गबन किया गया है.
शुरुआती जांच में पता चला है कि 2022 में करीब 19,000 लोगों ने ये पास लेने के लिए रजिस्ट्रेशन कराया था, 2023 में 34,000 लोगों ने और 2024 में यह संख्या बढ़कर 61,000 हो गई.
हालांकि इस मामले की जांच कोलकाता Police ने शुरू की थी लेकिन बाद में ईडी ने इसमें मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से अपनी जांच शुरू की.
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पीएम
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