पश्चिम बंगाल उपचुनाव: पहले छह घंटे में 58.16 फीसदी मतदान, नंदीग्राम में 60.32 प्रतिशत वोटिंग

कोलकाता, 6 अक्टूबर . पश्चिम बंगाल में Tuesday को नंदीग्राम विधानसभा सीट और मुर्शिदाबाद जिले की रेजीनगर विधानसभा सीट पर हो रहे उपचुनाव के दौरान पहले छह घंटे में औसतन 58.16 फीसदी मतदान दर्ज किया गया. इस दौरान दोनों सीटों पर छिटपुट घटनाओं के बीच मतदान जारी रहा.

दोपहर 1 बजे तक रेजीनगर में 56 फीसदी मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया, जबकि नंदीग्राम में मतदान का प्रतिशत इससे अधिक 60.32 फीसदी रहा.

पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय के एक अधिकारी ने कहा कि मतदान शाम 6 बजे तक जारी रहेगा. ऐसे में अंतिम मतदान प्रतिशत 80 फीसदी के आंकड़े को पार कर जाए तो इसमें कोई आश्चर्य नहीं होगा. उपचुनावों के लिहाज से यह काफी अधिक मतदान प्रतिशत माना जाएगा.

इस बीच, पिछले दो घंटों के दौरान भी दोनों विधानसभा क्षेत्रों से छिटपुट हिंसा और चुनावी गड़बड़ियों की शिकायतें सीईओ कार्यालय तक पहुंचती रहीं. इनमें सबसे अधिक शिकायतें कांग्रेस की ओर से दर्ज कराई गईं. हालांकि, इस उपचुनाव में सबसे चौंकाने वाली बात तृणमूल कांग्रेस के ममता बनर्जी गुट की ओर से सुबह से किसी तरह की प्रतिक्रिया का सामने नहीं आना रहा. नंदीग्राम सीट पर यह गुट चुनाव मैदान में नहीं है, क्योंकि उसकी उम्मीदवार संचिता डे प्रधान ने अंतिम समय में अपना नामांकन वापस ले लिया था.

वहीं, रेजीनगर सीट से इस गुट की ओर से तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार रबीउल आलम चौधरी चुनाव लड़ रहे हैं, लेकिन मतदान शुरू होने के बाद से वह भी खास तौर पर सक्रिय नजर नहीं आए. उपलब्ध जानकारी के अनुसार, ममता बनर्जी के नेतृत्व वाला गुट रेजीनगर के ज्यादातर मतदान केंद्रों पर अपने पोलिंग एजेंट तक तैनात नहीं कर सका.

उधर, पश्चिम बंगाल कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और पांच बार Lok Sabha सदस्य रह चुके अधीर रंजन चौधरी ने मुर्शिदाबाद जिले के बहरमपुर शहर में अपने समर्थकों के साथ धरना शुरू किया. उन्होंने रेजीनगर में चुनावी अनियमितताओं और आम मतदाताओं के साथ राज्य Police की कथित ज्यादतियों का आरोप लगाया.

चौधरी ने आरोप लगाया कि रेजीनगर में पिछले कुछ दिनों से Police की कार्रवाई के कारण आम मतदाताओं में मतदान केंद्रों पर जाने को लेकर डर का माहौल बना हुआ है. उन्होंने कहा कि जो लोग मतदान करना चाहते थे और Tuesday को मतदान केंद्रों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे थे, उन्हें भी रोका गया. उन्होंने कहा, “लोगों के अधिकार छीने जा रहे हैं.”

–

डीएससी