पर्युषण पर्व पर अयोध्या में 15 सितंबर को मांस-शराब बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध, उल्लंघन पर जुर्माना: मेयर

अयोध्या, 14 सितंबर . पर्युषण पर्व के अवसर पर अयोध्या नगर निगम ने 15 सितंबर को महानगर क्षेत्र में मांस, मछली और शराब की बिक्री पर पूरी तरह रोक लगाने की घोषणा की है. अयोध्या नगर निगम के मेयर गिरीश पति त्रिपाठी ने कहा कि पर्व की धार्मिक और आध्यात्मिक भावना को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रतिबंध का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी और जुर्माना भी लगाया जा सकता है.

मेयर गिरीश पति त्रिपाठी ने पर्युषण पर्व को एक विशेष और आध्यात्मिक उत्सव बताया. उन्होंने कहा कि यह ऐसा अवसर है जब लोग पूरे वर्ष जाने-अनजाने में हुई गलतियों और अपराधों के लिए एक-दूसरे से क्षमा मांगते हैं. पर्युषण के दौरान ‘मिच्छामी दुक्कड़म’ कहकर लोग एक-दूसरे से क्षमा प्रार्थना करते हैं. पर्व की इसी भावना को देखते हुए 15 सितंबर को अयोध्या महानगर में मांस की बिक्री पर प्रतिबंध रहेगा. नगर निगम की ओर से इस दौरान नियमों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी.

मेयर ने कहा कि पर्युषण पर्व आपसी क्षमा, आत्मचिंतन और सद्भाव का संदेश देता है. ऐसे में नगर निगम का प्रयास है कि पर्व के दौरान शहर में धार्मिक भावनाओं के अनुरूप वातावरण बना रहे.

नगर निगम की घोषणा के मुताबिक 15 सितंबर को मांस, मछली और शराब की बिक्री पर रोक प्रभावी रहेगी. मेयर ने कहा कि प्रतिबंध का उल्लंघन करने वाले दुकानदारों या संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी. इसके साथ ही जुर्माना भी लगाया जाएगा. नगर निगम का उद्देश्य केवल प्रतिबंध लगाना नहीं, बल्कि धार्मिक पर्व के दौरान शहर में व्यवस्थित और शांतिपूर्ण वातावरण सुनिश्चित करना है.

मेयर गिरीश पति त्रिपाठी ने अयोध्या में निर्माणाधीन दशरथ पथ का भी उल्लेख किया. उन्होंने इसे अयोध्या महानगर के लिए महत्वपूर्ण और आकर्षक परियोजना बताया. दशरथ पथ अयोध्या नगर को राजा दशरथ की समाधि से जोड़ने का काम करेगा. अयोध्या में पहले से कई सुंदर और आधुनिक सुविधाओं से युक्त मार्ग विकसित किए गए हैं. इसी क्रम में दशरथ पथ को भी विकसित किया जा रहा है, जहां आने-जाने वाले लोगों को धार्मिक वातावरण और अनुभूति प्रदान करने का प्रयास किया जा रहा है.

गिरीश पति त्रिपाठी ने कहा कि दशरथ पथ पर विभिन्न धार्मिक प्रतीकों और अनुकृतियों को स्थापित किया जा रहा है. इनका उद्देश्य मार्ग को केवल आवागमन का साधन न रखते हुए धार्मिक और सांस्कृतिक वातावरण से जोड़ना है. मार्ग पर धार्मिक स्तंभ और अन्य संरचनाएं तैयार की जा रही हैं, जो अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं और यात्रियों को अलग तरह की धार्मिक अनुभूति देने का प्रयास करेंगी. परियोजना के जरिए यात्रियों के लिए एक सुंदर और व्यवस्थित वातावरण तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है.

दशरथ पथ के विकास को लेकर मेयर ने उत्तर प्रदेश के Chief Minister योगी आदित्यनाथ का आभार जताया. उन्होंने कहा कि अयोध्या में जिस तरह से धार्मिक और आधुनिक सुविधाओं के साथ विकास कार्य किए जा रहे हैं, उससे शहर को नई पहचान मिल रही है.