
तिरुवनंतपुरम, 11 सितंबर . केरल के Chief Minister वीडी सतीशन ने Friday को चेतावनी दी कि वरिष्ठ पत्रकार जिजो जॉन पुथेनजेथ की मौत के बाद उन्हें और उनके परिवार को निशाना बनाकर किए गए साइबर हमलों के पीछे जो लोग हैं, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
मुख्यमंत्र ने कहा कि एक दिवंगत पत्रकार या किसी भी इंसान के खिलाफ सुनियोजित तरीके से नफरत और झूठ फैलाना केरल की उच्च सामाजिक संस्कृति पर एक स्थायी दाग है. social media पोस्ट में उन्होंने पूछा कि गुमनाम आईडी से नफरत फैलाने वाले लोग किस इंसानियत की बात करते हैं. वे किन मानवीय मूल्यों की बात करते हैं.
मलयाला मनोरमा की कोच्चि यूनिट के सीनियर पत्रकार 54 वर्षीय जिजो का Wednesday सुबह कार्डियक अरेस्ट से निधन हो गया था.उनके निधन की खबर आते ही social media पर उन्हें और उनके परिवार को निशाना बनाते हुए अपमानजनक टिप्पणियों की बाढ़ आ गई.
Chief Minister ने कहा कि अगर यह अपमान जिजो की पिछली खोजी रिपोर्टों को लेकर Political दुश्मनी के कारण हुआ है, तो यह एक गंभीर मामला है.
वीडी सतीशन ने कहा कि पेशेवर कर्तव्य निभाने के लिए किसी पत्रकार का अपमान करना और Political दुश्मनी के नाम पर उनकी मौत का भी अपमान करना, एक लोकतांत्रिक समाज के लिए बिल्कुल भी उचित नहीं है. Government एर्नाकुलम प्रेस क्लब और जिजो के दोस्तों की शिकायतों के आधार पर इस मामले पर पूरी गंभीरता से विचार करेगी.
उन्होंने कहा कि जिम्मेदार लोगों के खिलाफ बिना किसी समझौते के सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. किसी के भी खिलाफ ऐसे घिनौने और क्रूर साइबर हमलों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
जिजो अपनी खोजी रिपोर्टों और राजनीति व शासन-प्रशासन की कवरेज के लिए जाने जाते थे. उनकी कुछ रिपोर्टों में वामपंथ और सीपीआई (एम) की आलोचना की गई थी, जिससे उनके Political आलोचक भी बन गए थे. लेकिन उनके पेशेवर काम ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान भी दिलाई थी.
उन्हें 2015 में रामनाथ गोयनका पुरस्कार मिला था और उन्होंने कई ऐसी खोजी रिपोर्ट तैयार की थीं जिन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर ध्यान आकर्षित किया था. Chief Minister ने जिजो के निधन के बाद अपने शोक संदेश में पत्रकार के साथ अपने व्यक्तिगत जुड़ाव को याद किया.
सीएम वीडी सतीशन ने बताया कि उस सुबह जिजो की बाईलाइन वाली रिपोर्ट पढ़ने के बाद वे दफ्तर के लिए निकले थे, लेकिन कैबिनेट बैठक के बाद उन्हें उनके निधन की खबर मिली. जिजो न केवल एक वरिष्ठ पत्रकार थे, बल्कि उनके शहर के ही रहने वाले और करीबी दोस्त भी थे. वे उनकी मौत से कुछ दिन पहले ही उनसे मिले थे.
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डीकेएम/
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