
गुवाहाटी, 14 सितंबर . पत्नी रिया तालुकदार की बेरहमी से हत्या के आरोपी पति रामानुज गोस्वामी के परिवार ने उसका शव लेने से इनकार कर दिया है. परिवार का आरोप है कि गोस्वामी की हत्या एक एनकाउंटर में हुई थी और उन्होंने उसकी मौत के मामले में कानूनी रास्ता अपनाने की बात कही है.
गोस्वामी के पिता, तरुण गोस्वामी ने कहा कि परिवार न तो शव लेने गुवाहाटी जाएगा और न ही शव सौंपने के लिए Police से संपर्क करेगा. उन्होंने आरोप लगाया कि उनके बेटे का ‘एनकाउंटर’ किया गया है और कहा कि परिवार ने इस मामले को अदालत के जरिए आगे बढ़ाने का फैसला किया है.
तरुण गोस्वामी ने कहा, “हम उसका शव वापस नहीं लेने जा रहे हैं. मेरे बेटे का एनकाउंटर हुआ है. अब सब कुछ खत्म हो गया है.” उन्होंने कहा कि परिवार इस मामले को जनता के सामने रखेगा और कानूनी तरीकों से न्याय की मांग करेगा.
उन्होंने कहा कि परिवार गुवाहाटी हाई कोर्ट जाने का इरादा रखता है और जरूरत पड़ने पर, Police कस्टडी में गोस्वामी की मौत से जुड़े हालात को लेकर Supreme Court भी जा सकता है.
तरुण गोस्वामी ने जनता और मीडिया से यह भी अपील की कि वे इस समय परिवार के घर न आएं और निजता का सम्मान करें, क्योंकि परिवार इस मामले को कानूनी तौर पर आगे बढ़ाने की तैयारी कर रहा है.
इस बीच, गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (जीएमसीएच) के अधिकारियों ने कहा है कि जब Police रमानुज गोस्वामी को अस्पताल लाई थी, तो उनके शरीर पर गोली लगने का कोई निशान नहीं था.
Police ने बताया कि Monday तड़के, जब Police गोस्वामी को ब्लड टेस्ट के लिए जीएमसीएच ले जा रही थी, तो नरकासुर पहाड़ियों से कूदने के बाद उनकी मौत हो गई.
यह घटना सुबह करीब 3 बजे हुई, जब गोस्वामी को हाटीगांव इलाके से कहिलिपारा होते हुए जीएमसीएच ले जाया जा रहा था.
Police के मुताबिक, कस्टडी से भागने की कोशिश में वह नरकासुर पहाड़ियों के पास Police की गाड़ी से कूद गए और गिरने से उन्हें जानलेवा चोटें आईं.
Police ने साफ किया है कि उन्हें गोली नहीं मारी गई थी और उनकी मौत गिरने से लगी चोटों के कारण हुई. इसके बाद गोस्वामी को जीएमसीएच ले जाया गया, जहां अस्पताल के अधिकारियों ने कहा कि उन्हें मृत अवस्था में लाया गया था.
जीएमसीएच के सुपरिटेंडेंट देबजीत चौधरी ने बताया कि Monday सुबह 3:41 बजे Police गोस्वामी को सड़क दुर्घटना के शिकार व्यक्ति के तौर पर कैजुअल्टी वार्ड में लाई थी.
चौधरी ने कहा, “आज सुबह 3:41 बजे, सड़क दुर्घटना के शिकार रमानुज गोस्वामी को Police जीएमसीएच के कैजुअल्टी वार्ड में लाई थी. उन्हें मृत अवस्था में लाया गया था.” उन्होंने कहा कि प्रोटोकॉल के अनुसार तुरंत टेस्ट किए गए, जिनमें ईसीजी भी शामिल था, जबकि आगे की जानकारी विस्तृत पोस्टमार्टम के बाद ही मिल पाएगी.
जीएमसीएच अधिकारियों ने यह भी कहा कि शुरुआती जांच में गोस्वामी के शरीर पर गोली लगने का कोई निशान नहीं मिला, जो कुछ शुरुआती रिपोर्टों और social media पर किए गए उन दावों के उलट है जिनमें कहा गया था कि Police फायरिंग में उसकी मौत हुई थी.
चौधरी ने बताया कि शव पर कई टैटू थे, हालांकि उन पर लिखी बातें साफ नहीं पढ़ी जा सकती थीं, और बाद में शव को पोस्टमार्टम के लिए जीएमसीएच के मुर्दाघर में रख दिया गया.
गोस्वामी को उसकी 25 वर्षीय पत्नी रिया तालुकदार की हत्या के मामले में गिरफ्तार किया गया था; रिया का शव इस महीने की शुरुआत में गुवाहाटी के बसिष्ठापुर इलाके में स्थित उनके घर से बरामद किया गया था.
Police का आरोप था कि रिया की हत्या बहस के बाद की गई थी और इसके बाद गोस्वामी ने उसका सिर धड़ से अलग कर दिया और उसे फ्रिज में रख दिया.
यह मामला तब सामने आया जब पड़ोसियों ने बंद अपार्टमेंट से बदबू आने पर Police को सूचना दी. आरोपी ने Police हिरासत में रहते हुए सार्वजनिक रूप से विरोधाभासी बयान भी दिए थे.
एक समय, उसने कथित तौर पर दावा किया कि उसे ‘कोई पछतावा नहीं, कोई माफी नहीं’ है और जेल से रिहा होने पर उसने उस व्यक्ति को मारने की धमकी दी जिसे उसने अपनी पत्नी का ‘शुगर डैडी’ बताया था.
कुछ दिनों बाद, उसने पछतावा जताया और कहा कि उसने जो किया, उसे किसी को नहीं दोहराना चाहिए.
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एससीएच
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