
ग्रेटर नोएडा, 2 नवंबर . गौतमबुद्धनगर के दादरी थाना क्षेत्र में पड़ोसी को गंभीर आपराधिक मामले में फंसाने के लिए खुद पर जानबूझकर फायरिंग कराने के सनसनीखेज षड्यंत्र का Police ने पर्दाफाश किया है. आपसी कहासुनी का बदला लेने के लिए एक व्यक्ति ने अपने ही रिश्तेदारों और अन्य लोगों के साथ मिलकर ऐसी साजिश रची, जिसमें खुद पर गोली चलवाकर पड़ोसी के खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज करा दिया गया. हालांकि, Police की जांच में पूरे मामले की परतें खुल गईं. इस मामले में दादरी Police ने तीन वांछित अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है. आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल किया गया अवैध तमंचा, दो कारतूस, सीपी प्लस कंपनी का डीवीआर और घटना में इस्तेमाल मोटरसाइकिल बरामद की गई है.
Police के मुताबिक, दादरी थाना क्षेत्र के रहने वाले हरेन्द्र नागर पुत्र समर सिंह ने अपने पड़ोसी विकास सैन को झूठे मुकदमे में फंसाने के उद्देश्य से पूरी साजिश रची थी. जांच में सामने आया कि हरेन्द्र नागर ने अन्य पांच लोगों के साथ मिलकर योजनाबद्ध तरीके से षड्यंत्र तैयार किया था. आरोपियों की योजना थी कि पड़ोसी विकास सैन के साथ पहले हुई कहासुनी को आधार बनाकर उसे गंभीर और जघन्य अपराध में फंसाया जाए, जिससे उसे जेल भिजवाया जा सके. इस योजना को अंजाम देने के लिए हरेन्द्र नागर ने अतुल भाटी और कलुआ उर्फ प्रतीक को अपने घर बुलाया. इसके बाद cctv कैमरे के सामने ही खुद पर फायरिंग कराई गई.
घटना को वास्तविक दिखाने के बाद हरेन्द्र नागर ने विकास सैन के खिलाफ दादरी थाने में मुकदमा दर्ज करा दिया. हालांकि, Police ने मामले की विवेचना शुरू की तो घटनाक्रम में कई संदिग्ध तथ्य सामने आए. जांच के दौरान Police को आरोपियों की भूमिका और उनके बीच रचे गए षड्यंत्र से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्य मिले. cctv फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर Police ने पूरे मामले का खुलासा किया. Police के अनुसार, 2 नवंबर 2026 को थाना दादरी Police ने कार्रवाई करते हुए तीन वांछित अभियुक्तों को बिसाहड़ा अंडरपास से गिरफ्तार किया.
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान प्रतीक उर्फ कलुआ (26) निवासी ग्राम कूड़ीखेड़ा, थाना बादलपुर, अतुल भाटी (29) निवासी साकीपुर, थाना सूरजपुर और अभिषेक नागर (25) निवासी न्यादरगंज, थाना दादरी के रूप में हुई है. Police के मुताबिक, गिरफ्तार प्रतीक उर्फ कलुआ पीड़ित हरेन्द्र नागर का भतीजा, अतुल भाटी उसका साला और अभिषेक नागर उसका पुत्र है. तीनों पर इस षड्यंत्र में शामिल होने का आरोप है.
गिरफ्तार आरोपियों के आपराधिक इतिहास की बात करें तो अतुल भाटी के खिलाफ दादरी, सूरजपुर और बीटा-2 थानों में पहले से कई मुकदमे दर्ज हैं. इनमें वर्ष 2023 का मारपीट और गाली-गलौज का मामला, वर्ष 2016 और 2017 के मारपीट, घर में घुसकर हमला करने और नुकसान पहुंचाने के मामले, वर्ष 2019 का चोरी और घर में घुसने का मामला तथा बीटा-2 थाने में दर्ज लूट का मुकदमा शामिल है. वहीं प्रतीक उर्फ कलुआ और अभिषेक नागर के खिलाफ इस मामले में दर्ज मुकदमे के अतिरिक्त कोई अन्य आपराधिक इतिहास Police द्वारा जारी विवरण में नहीं बताया गया है.
Police ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से एक अवैध तमंचा और दो कारतूस बरामद किए हैं. इसके अलावा घटना में इस्तेमाल की गई स्प्लेंडर मोटरसाइकिल और एक डीवीआर भी बरामद किया गया है. बरामदगी को इस मामले की जांच में महत्वपूर्ण साक्ष्य माना जा रहा है. वहीं, जांच के दौरान यह तथ्य भी सामने आया कि हरेन्द्र नागर के भाई सतेन्द्र उर्फ सत्ते को वर्ष 2007 के एक मुकदमे में दोषी ठहराया जा चुका है. फिलहाल Police पूरे षड्यंत्र से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है.
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पीकेटी/पीएम
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