पटना में 12 वर्षीय किशोर से मारपीट का मामला, तेजस्वी यादव ने पुलिस और भाजपा कार्यकर्ताओं पर लगाए आरोप

Patna, 19 सितंबर . बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने Patna में 12 वर्षीय बच्चे के साथ कथित मारपीट और Police की कार्रवाई को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं. तेजस्वी यादव का दावा है कि Prime Minister के जन्मदिन से जुड़े एक कार्यक्रम का वीडियो बना रहे बच्चे के साथ कुछ लोगों ने मारपीट की और इसके बाद Police ने भी बच्चे के साथ कथित तौर पर गलत व्यवहार किया.

तेजस्वी यादव ने बताया कि उन्होंने पीड़ित बताए जा रहे 12 वर्षीय प्रिंस कुमार से मुलाकात कर घटना के बारे में जानकारी ली. उन्होंने दावा किया कि बच्चा बाढ़ की गंभीर परिस्थितियों से बचने के बाद Patna पहुंचा था और गंगा किनारे आयोजित ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम का वीडियो बना रहा था.

तेजस्वी यादव के आरोप के मुताबिक, इसी दौरान वहां मौजूद कुछ लोगों ने बच्चे के साथ मारपीट की. उन्होंने इन लोगों को भाजपा से जुड़ा बताते हुए आरोप लगाया कि बच्चे को पीटने के बाद सड़क की रेलिंग के नीचे नदी की तरफ फेंक दिया गया.

नेता प्रतिपक्ष ने आगे दावा किया कि घटना के बाद मौके पर भीड़ जमा होने पर Police पहुंची और बच्चे के साथ कथित तौर पर मारपीट की गई. इसके बाद बच्चे और मारपीट के आरोपियों को थाने ले जाया गया. तेजस्वी यादव का आरोप है कि कथित तौर पर मारपीट करने वालों को बाद में छोड़ दिया गया, जबकि बच्चे को थाने में रखा गया.

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि थाने से घर लौटने के बाद अगले दिन Police दोबारा बच्चे के घर पहुंची. इस दौरान बच्चे पर अपना बयान बदलने का कथित दबाव बनाया गया. तेजस्वी यादव के अनुसार, बच्चे से यह कहने के लिए कहा गया कि मारपीट करने वाले लोग उसके दोस्त थे और वे साथ मिलकर भाजपा के लिए काम करते हैं.

तेजस्वी यादव ने Police पर बच्चे को डराने और धमकाने का भी आरोप लगाया. उन्होंने इस पूरे मामले को लेकर बिहार Government और भाजपा पर निशाना साधते हुए Police की भूमिका पर सवाल उठाए.

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि उन्होंने बच्चे से मुलाकात कर घटना की पूरी जानकारी ली है और मामले में कथित रूप से दोषी Policeकर्मियों तथा मारपीट में शामिल लोगों के खिलाफ नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी.

हालांकि, तेजस्वी यादव की ओर से लगाए गए इन आरोपों पर संबंधित Police अधिकारियों या भाजपा की प्रतिक्रिया इस बयान में उपलब्ध नहीं कराई गई है. मारपीट, बच्चे को थाने में रखने और कथित तौर पर बयान बदलवाने के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि भी उपलब्ध जानकारी से नहीं हुई है.

एएमटी/डीकेपी