
चंडीगढ़/संगरूर, 7 सितंबर . पंजाब के संगरूर जिले के दिरबा इलाके से एक बेहद संवेदनशील मामला सामने आया है. यहां तुर बंजारा गांव के एक 50 वर्षीय पिता गुलजार सिंह द्वारा कैबिनेट मंत्री हरपाल चीमा से नशे को लेकर सवाल पूछने के बाद विवाद खड़ा हो गया है.
शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने इस घटना को लेकर social media प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर आम आदमी पार्टी Government पर निशाना साधा.
मजीठिया ने लिखा, “गुरु-द्रोही के राज में सवाल पूछना जुर्म बन गया है.” उन्होंने बताया कि दिरबा में तुर बंजारा गांव के एक बेबस पिता ने कैबिनेट मंत्री हरपाल चीमा से दिल से पूछा था कि “मेरा जवान बेटा खुलेआम नशा करता है, आप नशे का कारोबार क्यों नहीं रोकते. मेरा बेटा खुलेआम सफेद नशा करता है, आप इसे क्यों नहीं रोकते?”
मजीठिया के अनुसार, इस सवाल के बाद सच बोलने की सजा के तौर पर Police ने उस पिता को एक तरफ धकेल दिया, जबकि वहां मौजूद ‘आप’ नेताओं ने उन पर माफी मांगने का दबाव डाला. इस सार्वजनिक अपमान से आहत होकर 50 साल के गुलजार सिंह ने जहरीला पदार्थ खाकर जान देने की कोशिश की. अब वह अस्पताल में जिंदगी और मौत की लड़ाई लड़ रहे हैं.
मजीठिया ने Chief Minister भगवंत मान को घेरते हुए पूछा, “गुरु-द्रोही भगवंत मान, क्या यही आपका नशा-मुक्त पंजाब है, जहां सवाल पूछना और काला झंडा दिखाना जुर्म बन गया है?”
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब पंजाब में नशे का मुद्दा लगातार बड़ा होता जा रहा है. विपक्ष लगातार आरोप लगा रहा है कि Government का नशा मुक्त पंजाब का दावा सिर्फ कागजों तक सीमित है, जबकि जमीन पर हालात जस के तस हैं.
बताया जा रहा है कि गुलजार सिंह का बेटा लंबे समय से नशे की लत से जूझ रहा है और पिता ने कई बार शिकायत की थी. मंत्री के सामने सवाल पूछना उन्हें महंगा पड़ गया. फिलहाल, गुलजार सिंह का इलाज चल रहा है और गांव में इस घटना को लेकर रोष का माहौल है.
–
एससीएच/डीकेपी
Skip to content