
चंडीगढ़, 13 सितंबर . पंजाब Police ने Sunday को कहा कि Pakistan से लगती अंतरराष्ट्रीय सीमा के जरिए ड्रोन के माध्यम से होने वाली मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के साथ मिलकर अपनाई गई बहुस्तरीय रणनीति के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं. इसके चलते पंजाब में हेरोइन की उपलब्धता में कमी आई है.
Police के मुताबिक, राज्य में ड्रोन गतिविधियों पर नजर रखने और उन्हें निष्क्रिय करने के लिए नौ एंटी-ड्रोन सिस्टम तैनात किए जा रहे हैं. इनमें ‘बाज आंख’ के तीन सिस्टम शामिल हैं, जो अगस्त 2025 से अमृतसर, तरनतारन और फिरोजपुर में सक्रिय हैं. ये सिस्टम संदिग्ध ड्रोन की शुरुआती स्तर पर पहचान करने और उन्हें जाम करने में सक्षम हैं.
इसके अलावा, ड्रोन सेंस डी200 प्रो की तीन यूनिट 3 सितंबर को सीमावर्ती जिलों में रणनीतिक स्थानों पर तैनात की गईं. यह लंबे समय तक काम करने वाला मोबाइल ड्रोन डिटेक्शन प्लेटफॉर्म है. Police के अनुसार, इसकी मदद से ड्रोन से जुड़ी गतिविधियों और वास्तविक ड्रॉपिंग लोकेशन की सटीक पहचान हो रही है, जिससे जमीन पर तत्काल कार्रवाई संभव हो रही है.
Police प्रवक्ता ने बताया कि त्वरित कार्रवाई के लिए 147 Policeकर्मियों वाली 52 ड्रोन रिस्पॉन्स टीमें (डीआरटी) बनाई गई हैं. ये टीमें बीएसएफ के साथ करीबी समन्वय में काम करती हैं. ड्रोन अलर्ट मिलने के बाद टीमें संदिग्ध ड्रॉपिंग लोकेशन पर पहुंचकर तलाशी लेती हैं और वहां गिराए गए मादक पदार्थों के खेप को लेने पहुंचने वाले लोगों को पकड़ती हैं.
उन्होंने बताया कि इस व्यवस्था को 600 Policeकर्मियों वाली 64 सेकेंड-लाइन डिफेंस नाकों और 585 स्थानों पर लगाए गए 2,367 cctv कैमरों से भी मजबूती मिल रही है.
सीमावर्ती इलाकों में गठित विलेज डिफेंस कमेटियों (वीडीसी) को भी ड्रोन रिस्पॉन्स टीमों के साथ जोड़ा गया है. Police के अनुसार, ये समितियां उसके लिए “आंख और कान” की तरह काम कर रही हैं और संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी उपलब्ध कराने में मदद कर रही हैं.
पंजाब Police के ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ अभियान के तहत 1 मार्च 2025 से अब तक करीब 80,000 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. अभियान के दौरान कुल 486 ड्रोन बरामद किए गए हैं.
Police ने मादक पदार्थों के नेटवर्क की आर्थिक कमर तोड़ने के लिए वित्तीय जांच भी तेज की है. इसके तहत 336 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की संपत्तियां फ्रीज की गई हैं.
ड्रोन बरामदगी को प्रोत्साहित करने के लिए लागू इनाम नीति के तहत प्रत्येक ड्रोन की बरामदगी पर 25,000 रुपये का नकद इनाम दिया जाता है. Police के मुताबिक, इस साल अब तक इस इनाम नीति के तहत करीब 2 करोड़ रुपये वितरित किए जा चुके हैं. हालांकि, पंजाब Police ने कहा कि मादक पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई में अब एक नई चुनौती सामने आ रही है. ताजा रुझानों के मुताबिक, दूसरे राज्यों से पंजाब में तस्करी कर लाई जा रही फार्मास्युटिकल ड्रग्स अब सबसे बड़ी चुनौती बनकर उभरी हैं.
राज्य में जब्त की गई फार्मास्युटिकल दवाओं के आंकड़ों के विश्लेषण के अनुसार, इनमें से ज्यादातर का निर्माण पंजाब में नहीं होता. ये दवाएं मुख्य रूप से Himachal Pradesh, Gujarat, उत्तर प्रदेश, Rajasthan , Haryana और दिल्ली समेत अन्य राज्यों में बनाई जाती हैं.
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डीएससी
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