पंजाब को 2029 तक नशामुक्त बनाएंगे, लोगों को अमित शाह के संकल्प पर भरोसा: आरपी सिंह

New Delhi, 30 सितंबर . भाजपा प्रवक्ता आरपी सिंह ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पंजाब दौरे और ‘नशामुक्त पंजाब’ अभियान को लेकर कहा कि पंजाब से नशे की समस्या खत्म करने के लिए केंद्र Government गंभीरता से काम कर रही है. इसके साथ ही, उन्होंने इंडिया ब्लॉक, ममता बनर्जी, राहुल गांधी, उमर खालिद, चुनाव आयोग के खिलाफ प्रस्तावित मार्च और Jharkhand के Chief Minister हेमंत सोरेन से जुड़े पीएमएलए मामले पर भी प्रतिक्रिया दी.

अमित शाह के पंजाब दौरे और नशे के खिलाफ दिए गए बयान पर आरपी सिंह ने कहा कि पंजाब में नशामुक्ति को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री ने बड़ा आह्वान किया है. पंजाब में आम आदमी पार्टी की Government के दौरान नशे की समस्या बढ़ी है. नशामुक्त पंजाब के लिए यात्राएं निकाली गईं, जिनका समापन अमित शाह की मौजूदगी में हुआ. इस दौरान अमित शाह ने कहा है कि अगर भाजपा की Government बनती है तो 31 दिसंबर 2029 तक पंजाब को नशामुक्त करने का लक्ष्य रखा जाएगा और ‘चिट्टा’ जैसे नशीले पदार्थों को पंजाब से खत्म किया जाएगा.

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि लोगों को अमित शाह के इस संकल्प पर भरोसा है. उन्होंने अमित शाह के नक्सलवाद, आतंकवाद और पूर्वोत्तर से जुड़े अभियानों का हवाला देते हुए कहा कि पार्टी को उम्मीद है कि पंजाब की जनता इस अभियान में भाजपा का समर्थन करेगी.

राहुल गांधी को Prime Minister पद का चेहरा बनाए जाने के सवाल पर ममता बनर्जी की प्रतिक्रिया का जिक्र करते हुए आरपी सिंह ने कहा कि विपक्षी गठबंधन में नेतृत्व को लेकर स्पष्टता नहीं है. उन्होंने तमिलनाडु की टीवीके और Samajwadi Party से जुड़े नेताओं के बयानों का जिक्र करते हुए कहा कि अलग-अलग दल अपने नेताओं को Prime Minister पद का दावेदार बताते रहे हैं. ममता बनर्जी भी पहले Prime Minister पद की दावेदारी को लेकर चर्चा में रही हैं.

उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दल मजबूरी में एकजुट हैं और चुनावी हार के बाद एसआईआर को लेकर सवाल उठा रहे हैं. उन्होंने बिहार में राहुल गांधी की यात्रा का भी जिक्र किया और कहा कि इसके बावजूद विपक्ष को चुनाव में सफलता नहीं मिली.

उमर खालिद की जमानत याचिका खारिज होने के मुद्दे पर आरपी सिंह ने राहुल गांधी और उनके समर्थकों पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और उनके Political समर्थकों को यह समझना चाहिए कि जिन लोगों को वे समर्थन देते हैं, उन्हें किस तरह पेश किया जाता है. सिंह ने आरोप लगाया कि कुछ लोग उमर खालिद जैसे आरोपियों को ‘हीरो’ के तौर पर पेश करते हैं और उनके मामलों की तुलना देश की आजादी की लड़ाई से करते हैं. उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों को इसी नजरिए से देखने की जरूरत है.

इंडिया ब्लॉक की ओर से 6 अक्टूबर को चुनाव आयोग तक मार्च और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर आरपी सिंह ने विपक्ष पर निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि जब विपक्ष चुनाव नहीं जीत पाता तो देश में अराजकता पैदा करने की कोशिश करता है. उन्होंने बिहार में एसआईआर को लेकर निकाली गई यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि वहां भी इसी तरह का प्रयास किया गया था. ममता बनर्जी एसआईआर के मुद्दे पर Supreme Court गई थीं और अदालत ने एसआईआर को जारी रखने की अनुमति दी थी. चुनावी हार के बाद विपक्ष अपनी Political निराशा दूर करने के लिए इस तरह की रणनीति अपना रहा है.

शिवराज सिंह चौहान के उस बयान का समर्थन करते हुए जिसमें उन्होंने विपक्षी गतिविधियों को परिवार बचाने की कवायद बताया था, आरपी सिंह ने कांग्रेस के अंदर नेतृत्व को लेकर कथित असंतोष का जिक्र किया. उन्होंने राहुल गांधी के पार्टी के भीतर स्वीकार्यता को लेकर दिए गए कथित बयान और दिग्विजय सिंह की नीतीश कुमार को लेकर टिप्पणी का हवाला दिया. आरपी सिंह ने कहा कि इन घटनाओं से पता चलता है कि विपक्षी दल अपने Political अस्तित्व को बचाने को लेकर चिंतित हैं.

बड़गाईं जमीन मामले में Chief Minister हेमंत सोरेन पर आरोप तय किए जाने के मुद्दे पर आरपी सिंह ने कहा कि यह पुराना मामला है और इसमें सरकारी जमीन से जुड़े कथित घोटाले के आरोप हैं. उन्होंने दावा किया कि इस मामले में हेमंत सोरेन के परिवार को लाभ मिला था. आरपी सिंह ने कहा कि यह मामला चुनाव से पहले का है और इसमें पहले भी गिरफ्तारी हो चुकी है.

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