
अमृतसर, 28 अगस्त . पंजाब के Chief Minister भगवंत मान ने Friday को अमृतसर जिले के ऐतिहासिक शहर बाबा बकाला में रखरी पुनिया के अवसर पर महिलाओं के प्रति Government की प्रतिबद्धता जताई. इस दौरान उन्होंने ‘मावन-धीयां सत्कार योजना’ के तहत 53 लाख और महिलाओं के खातों में तीन महीने की ‘सम्मान राशि’ के रूप में 181.50 करोड़ रुपए जमा किए. इसके साथ ही लाभार्थियों की कुल संख्या 70.92 लाख हो गई.
उन्होंने घोषणा की कि Government इस योजना के तहत 1 करोड़ महिलाओं को लाने के लिए युद्धस्तर पर काम कर रही है, जिसमें 13 लाख सत्कार सखियों को प्रोत्साहन के रूप में 51 करोड़ रुपए का भुगतान किया जा चुका है और पंजीकरण में सहायता करने वाली आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को 25 करोड़ रुपए दिए जाएंगे.
सभा को संबोधित करते हुए Chief Minister मान ने कहा कि कई आधुनिक ‘मसाँद’ इस अवसर पर धर्म की आड़ में जनता को गुमराह करने के लिए रैलियां निकाल रहे हैं. ये अपराधी पंजाब की जनता को मूर्ख बनाने के लिए धर्म का इस्तेमाल कर रहे हैं, लेकिन जनता उनके बहकावे में नहीं आएगी. ये ‘मसाँद’ हमले के बाद अपने घावों का प्रदर्शन करके जनता से सहानुभूति बटोरने की कोशिश में हद से ज्यादा गिर पड़े हैं.
उन्होंने कहा कि राज्य के बुद्धिमान लोगों ने उन नेताओं को सत्ता से बेदखल कर दिया है जो सत्ता के चरम पर आलीशान घरों में रहते थे और जनता की कभी परवाह नहीं करते थे. जिन लोगों ने 25 वर्षों तक राज्य पर शासन करने का दावा किया था, उन्हें जनता ने Political रूप से भुला दिया है.
अकाली दल पर निशाना साधते हुए Chief Minister मान ने कहा कि अपने लंबे कुशासन के दौरान अकाली दल ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब का ‘बेअदबी’ (अपमान) किया, इस जघन्य अपराध के अपराधियों को संरक्षण दिया और निर्दोष लोगों पर गोलीबारी होने दी. अकाली दल ने राज्य को बेरहमी से लूटा है, साथ ही पंजाबियों की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है और राज्य में कई माफियाओं को संरक्षण दिया है. अकाली दल को दिया गया हर वोट ‘बेअदबी’ के पक्ष में जनादेश होगा. अकाली नेतृत्व को कभी क्षमा नहीं किया जा सकता, क्योंकि यह राज्य की कई पीढ़ियों के नरसंहार के लिए जिम्मेदार था, क्योंकि उनके लंबे कुशासन के दौरान मादक पदार्थों का व्यापार फलता-फूलता रहा.”
अकाली दल पर तीखा हमला करते हुए उन्होंने कहा कि Prime Minister अगर अकाली नेताओं का हालचाल पूछने के लिए फोन भी कर दें, तो वे पंजाब को लूटने के लिए दिल्ली के साथ गठबंधन के सपने देखने लगते हैं. यह सच है कि अकाली नेता हमेशा पंजाबियों या पंजाब के हितों से ज्यादा अपने स्वार्थों की चिंता करते हैं, जबकि आम आदमी पार्टी पूरी तरह से पंजाब के प्रति समर्पित है.
उन्होंने कहा कि सत्ता की भूख मिटाने के लिए अकाली दल अब भाजपा से गठबंधन की भीख मांग रहा है, जिसके हाथ किसान विरोधी कानूनों के विरोध प्रदर्शन में शहीद हुए 700 से ज्यादा किसानों की हत्या से सने हैं. “अकाली-भाजपा गठबंधन में न तो कोई विचारधारा है और न ही जनहित, बल्कि इसका एकमात्र उद्देश्य राज्य में सत्ता हथियाना है. जनता इन पार्टियों के बहकावे में नहीं आएगी और आने वाले दिनों में उन्हें करारा सबक सिखाएगी.”
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एमएस/
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