पंजाब के भूजल स्तर में बढ़ोतरी, भाखड़ा बांध पूरी तरह सुरक्षित: मंत्री बरिंदर गोयल

चंडीगढ़, 31 अगस्त . पंजाब के कैबिनेट मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने राज्य में भूजल स्तर में सुधार, भाखड़ा बांध की सुरक्षा, Political दलों के बीच संभावित गठजोड़ और नशे के खिलाफ Government की कार्रवाई को लेकर कई अहम दावे किए. उन्होंने कहा कि Chief Minister भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब Government ने जल प्रबंधन और नहर व्यवस्था में बड़े स्तर पर काम किया है, जिसका असर भूजल स्तर पर दिखाई दे रहा है.

बरिंदर कुमार गोयल ने कहा कि करीब 30 वर्षों में पहली बार पंजाब में भूजल स्तर ऊपर आया है. इस सुधार का उल्लेख केंद्र के जल संसाधन मंत्री और केंद्रीय भूजल बोर्ड की रिपोर्ट में भी किया गया है. 2022 में पंजाब के 117 ब्लॉक ओवर-एक्सप्लॉइटेड श्रेणी में थे, जबकि अब यह संख्या घटकर 110 रह गई है. वहीं, सुरक्षित श्रेणी वाले ब्लॉकों की संख्या 17 से बढ़कर 20 हो गई है. क्रिटिकल श्रेणी में ब्लॉकों की संख्या 15 से बढ़कर 17 हुई है.

उन्होंने बताया कि 2021-22 में भूजल के कुल 164 प्रतिशत तक दोहन की स्थिति थी, जो अब घटकर करीब 152 प्रतिशत रह गई है. इसे लगभग 14 प्रतिशत की कमी बताते हुए गोयल ने कहा कि नहर व्यवस्था और जल प्रबंधन में किए गए सरकारी प्रयासों के कारण यह बदलाव संभव हुआ है.

भाखड़ा बांध में कथित झुकाव को लेकर मंत्री ने लोगों से घबराने की अपील नहीं करने और बिना तकनीकी जानकारी के बयानबाजी से बचने को कहा. उन्होंने विधानसभा में भी इस मुद्दे को उठाए जाने का जिक्र करते हुए कहा कि बांध का झुकाव उसकी डिजाइन का हिस्सा है और इसे खतरे के रूप में पेश करना गैर-जिम्मेदाराना है. 1995 से 2025 के बीच बांध में करीब 15 बार ऐसा झुकाव दर्ज किया गया है. डिजाइन के अनुसार बांध में लगभग 1.03 इंच तक डिफ्लेक्शन हो सकती है और पानी का दबाव कम होने पर यह फिर अपनी पुरानी स्थिति में आ जाता है.

उन्होंने दावा किया कि भाखड़ा बांध पूरी तरह सुरक्षित है और विदेशी विशेषज्ञों के एक प्रतिनिधिमंडल ने भी इसकी संरचना की मजबूती की प्रशंसा की थी. बांध के संबंध में किसी भी तरह की जानकारी अधिकारियों और विशेषज्ञों की पुष्टि के बाद ही सार्वजनिक की जानी चाहिए, ताकि लोगों में अनावश्यक भय पैदा न हो.

नशे के मुद्दे पर रवनीत सिंह बिट्टू की टिप्पणियों को लेकर गोयल ने कहा कि Government नशे के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है. Government यह दावा नहीं कर रही कि पंजाब से नशा 100 प्रतिशत समाप्त हो चुका है, लेकिन अब नशा तस्करों के लिए खुलेआम घूमना आसान नहीं है. कई तस्कर जेल में हैं, कुछ जमानत के लिए प्रयास कर रहे हैं और कई फरार हैं. उन्होंने यह भी दावा किया कि नशे के कारोबार से अर्जित संपत्ति के खिलाफ कार्रवाई करते हुए कुछ मकानों को गिराया जा रहा है.

गोयल ने आगे कहा कि पंजाब Government नशे को खत्म करने के लिए हर संभव तरीका अपनाएगी. Government का लक्ष्य नशे के नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई करना और राज्य को इस समस्या से बाहर निकालना है.