नोएडा में बीएनएसएस को लेकर जिला प्रशासन का स्पष्टीकरण, डीएम ने कहा-धारा 130 के तहत कोई आदेश जारी नहीं किया

नोएडा, 9 सितंबर . नोएडा में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धाराओं के तहत जारी आदेशों और जिला प्रशासन की भूमिका को लेकर उठ रहे सवालों के बीच जिला प्रशासन ने अपना स्पष्ट बयान जारी किया है. जिला प्रशासन की ओर से कहा गया है कि Police कमिश्नरेट व्यवस्था लागू होने के बाद बीएनएसएस के तहत आने वाली सभी संबंधित शक्तियां Police आयुक्तालय के अंतर्गत Police को स्थानांतरित कर दी गई हैं. ऐसे में जिला मजिस्ट्रेट की ओर से बीएनएसएस अथवा पुराने दंड प्रक्रिया संहिता के तहत कोई आदेश पारित नहीं किया जाता है.

जिला प्रशासन ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि बीएनएसएस के तहत जिन आदेशों में कार्यपालक मजिस्ट्रेट का उल्लेख किया जाता है, उसमें संबंधित कार्य Police व्यवस्था के अंतर्गत नियुक्त कार्यपालक मजिस्ट्रेट द्वारा किए जाते हैं. प्रशासन के मुताबिक, ऐसे मामलों की फाइल जिला मजिस्ट्रेट, अपर जिला मजिस्ट्रेट या उप-जिला मजिस्ट्रेट के समक्ष नहीं आती है. प्रशासन की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि Police कमिश्नरेट के पास अपने कार्यपालक मजिस्ट्रेट हैं और बीएनएसएस के तहत निर्धारित कार्यों को Police अपने स्तर पर स्वतंत्र रूप से करती है. इसलिए किसी बीएनएसएस आदेश को जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय से जारी हुआ मानना सही नहीं होगा.

जिला प्रशासन ने विशेष रूप से भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 130 को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की है. बयान में कहा गया है कि नोएडा के जिला मजिस्ट्रेट ने बीएनएसएस की धारा 130 के तहत कोई आदेश पारित नहीं किया है. प्रशासन ने यह स्पष्टीकरण ऐसे समय में जारी किया है जब किसी मामले को लेकर social media और विभिन्न स्तरों पर जिला प्रशासन की भूमिका को लेकर चर्चा चल रही थी. प्रशासन का कहना है कि Police कमिश्नरेट व्यवस्था के तहत कानून-व्यवस्था से जुड़े कई अधिकार Police को दिए गए हैं.

बीएनएसएस के लागू होने के बाद पुराने सीआरपीसी की जगह नई प्रक्रिया लागू हुई है और कमिश्नरेट वाले जिलों में संबंधित शक्तियों का इस्तेमाल Police व्यवस्था के माध्यम से किया जाता है. जिला प्रशासन ने कहा कि बीएनएसएस के तहत Police द्वारा की जा रही कार्यवाही को जिला मजिस्ट्रेट, अपर जिला मजिस्ट्रेट या उप-जिला मजिस्ट्रेट के कार्यालय से जोड़कर देखना उचित नहीं है.

जिला प्रशासन के अनुसार, बीएनएसएस से संबंधित ऐसी फाइलें इन अधिकारियों के पास नहीं आतीं और Police अपने स्तर पर निर्धारित प्रक्रिया के तहत कार्यवाही करती है. जिला प्रशासन का यह बयान मामले में उसकी भूमिका को लेकर चल रही चर्चाओं को स्पष्ट करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है. प्रशासन ने साफ शब्दों में कहा है कि जिला मजिस्ट्रेट, नोएडा की ओर से धारा 130 के तहत कोई आदेश जारी नहीं किया गया है.

गौरतलब है कि यह बयान जिला प्रशासन की तरफ से इसलिए जारी किया गया है कि जंतर मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन में शामिल होने पर गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के छात्र को Government के खिलाफ भड़काने के आरोप में एलएलबी द्वितीय वर्ष के छात्र अक्षत त्रिपाठी को 500000 के मुचलके का नोटिस जारी किया गया था. जब यह मामला social media पर तूल पकड़ने लगा तो एसीपी 3 की कोर्ट ने नोटिस वापस ले लिया.

पीकेटी/पीएम