
New Delhi, 28 अगस्त . नॉर्वे के पांचवें महाराजा हेराल्ड का 89 साल की उम्र में निधन हो गया. Prime Minister Narendra Modi ने किंग हेराल्ड के निधन पर शोक जताया और उन्हें श्रद्धांजलि दी. शाही महल की ओर से Thursday को जानकारी दी गई थी कि किंग की हालत काफी गंभीर है और उनका इलाज ओस्लो के नेशनल हॉस्पिटल में चल रहा है.
Prime Minister मोदी ने social media प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “नॉर्वे के किंग हेराल्ड पंचम के निधन से मुझे गहरा दुख हुआ. इस साल की शुरुआत में अपनी नॉर्वे यात्रा के दौरान महामहिम से हुई मुलाकात को मैं स्नेहपूर्वक याद करता हूं और राष्ट्र के प्रति उनकी गर्मजोशी और सेवा की गहरी भावना से मैं अत्यंत प्रभावित हुआ था. शाही परिवार और नॉर्वे के लोगों के प्रति मेरी हार्दिक संवेदनाएं.”
यूरो न्यूज की ओर से साझा जानकारी के अनुसार, किंग हेराल्ड की बिगड़ती सेहत को लेकर चिंता बढ़ने पर सैकड़ों लोग ओस्लो रॉयल पैलेस के बाहर फूल और मोमबत्तियां लेकर इकट्ठा हुए. यूरोप के सबसे उम्रदराज शासक किंग हेराल्ड 17 अगस्त से हीमोलिटिक एनीमिया के कारण अस्पताल में भर्ती थे.
बाद में बैक्टीरियल ब्लडस्ट्रीम इंफेक्शन से उनकी स्थिति और गंभीर हो गई. हालत बिगड़ने पर क्वीन सोन्या और क्राउन प्रिंस हाकोन, जो रीजेंट के तौर पर काम कर रहे हैं, ने अपने आधिकारिक कार्यक्रम रद्द कर दिए और शाही परिवार के अन्य सदस्यों के साथ नॉर्वे किंग के पास पहुंचे.
इस खबर के बाद ओस्लो में लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा. सैकड़ों लोग रॉयल पैलेस के बाहर इकट्ठा हुए, जहां उन्होंने फूल रखे, मोमबत्तियां जलाईं और राजा के लिए हाथ से लिखे संदेश और चित्र छोड़े. नॉर्वे के अन्य शहरों में भी इसी तरह लोगों के जुटने की खबरें आईं, जहां लोग राजा के स्वास्थ्य पर आगे की जानकारी का इंतजार कर रहे थे.
यूरो न्यूज ने बताया कि तबीयत बिगड़ने के बाद Government के वरिष्ठ नेताओं ने भी अपने कार्यक्रमों में बदलाव किया. Prime Minister जोनास गाहर स्टोरे ने जर्मनी की अपनी नियोजित यात्रा रद्द कर दी और कहा कि वह पूरे देश के साथ राजा और शाही परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हैं.
संसद अध्यक्ष मसूद घराहखानी ने भी अपनी विदेश यात्रा बीच में ही रोककर नॉर्वे लौटने का फैसला किया. हेराल्ड 1991 से नॉर्वे के राजा हैं और हाल के वर्षों में उन्हें कई स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ा है, जिसमें परमानेंट पेसमेकर लगाने के लिए सर्जरी भी शामिल है.
उन्होंने अपने आधिकारिक कार्यक्रमों में कमी करने के साथ ही कई बार गद्दी छोड़ने से इनकार किया और कहा था कि नॉर्वे की संसद के सामने ली गई उनकी शपथ आजीवन प्रतिबद्धता है.
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पीएम
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