नेपाल त्रासदी : कठिन समय में मदद को आगे आए टिम कुक, एप्‍पल करेगा जमीनी राहत कार्यों में आर्थिक सहयोग

नई द‍िल्‍ली, 28 अगस्त . नेपाल में 26 अगस्त को अचानक आई भीषण बाढ़ से मची भारी तबाही में अब तक 450 से ज्‍यादा लोगों की मौत का आंकड़ा सामने आ चुका है. नेपाल के इस कठ‍िन समय में व‍िश्‍वभर से लोग मदद को आगे आ रहे हैं. एप्‍पल के सीईओ टिम कुक ने भी नेपाल की इस त्रासदी पर दुख जताते हुए आर्थिक सहायता भेजी है.

एप्पल के सीईओ टिम कुक ने सोशल मीड‍िया प्‍लेटफॉर्म ‘एक्‍स’ पर पोस्‍ट में इस त्रासदी पर दुख जताया. ट‍िम ने ल‍िखा, ”नेपाल और तिब्बत में आई भयावह बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित सभी लोगों के प्रति हमारी संवेदनाएं हैं. राहत और पुनर्निर्माण कार्यों में मदद के लिए एप्पल जमीनी स्तर पर चल रहे प्रयासों को समर्थन देने हेतु एक आर्थिक सहायता राशि दान कर रहा है.”

26 अगस्त को नेपाल में आई भीषण बाढ़ (फ्लैश फ्लड) ने भारी तबाही मचाई. यह बाढ़ तब आई जब भोटेकोसी नदी की सहायक नदी ‘ल्हेन्डे’ का प्रवाह एक हिमस्खलन के कारण रुक गया. इसके बाद सबसे पहले नेपाल-तिब्बत सीमा के पास रसुवागढ़ी क्षेत्र में स्थित तिमुरे गांव प्रभावित हुआ.

रिपोर्ट में कहा गया है कि इलाके में बारिश नहीं हुई थी, इसलिए लोगों को इस आपदा के आने का कोई अंदाजा नहीं था. बाढ़ आने के समय लोग अपनी रोजमर्रा की गतिविधियों में लगे हुए थे.

नेपाल के इस कठ‍िन समय में India के साथ-साथ अन्‍य देश पूरा सहयोग कर रहे हैं. नेपाल में आई जल आपदा को देखते हुए India मदद का हाथ बढ़ाते हुए लगातार राहत सामग्री भेजने का अभियान जारी रखे हुए है.

व‍िदेश मंत्री एस जयशंकर ने बताया क‍ि नेपाल में राहत और बचाव कार्यों में मदद के लिए Wednesday को 10 टन मानवीय सहायता की पहली खेप और इसके बाद Thursday को भी दूसरी 37.5 टन खेप नेपाल भेजी गई है.

India ने नेपाल में राहत और बचाव कार्यों में मदद के लिए Thursday को 10 टन मानवीय सहायता भेजी है. नेपाल में India के राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने यह राहत सामग्री औपचारिक रूप से नेपाल के संस्कृति, पर्यटन और नागरिक उड्डयन मंत्री खड़क राज पौडेल को सौंपी. इस सहायता में बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित लोगों के लिए जरूरी राहत सामग्री शामिल है.

एवाई/पीएम