नेतन्याहू ने 2023 हमास हमले के पीड़ितों को दी श्रद्धांजलि, याद में मोमबत्तियां जलाईं

यरुशलम , 8 अक्टूबर . इजरायल के Prime Minister बेंजामिन नेतन्याहू ने हमास के 7 अक्टूबर 2023 को हुए हमले में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि देने के लिए यरुशलम स्थित अपने कार्यालय में एक स्मृति मोमबत्ती जलाई.

2023 में हमास द्वारा इजरायल पर हुए हमले में करीब 1,200 लोग मारे गए थे. इसके बाद इजरायल ने गाजा में बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान शुरू किया, जो बाद में क्षेत्र के दूसरे हिस्सों तक भी फैल गया.

इजरायली Prime Minister कार्यालय की ओर से जारी बयान में नेतन्याहू के हवाले से कहा गया, “मैंने यरुशलम में Prime Minister कार्यालय में उन सभी लोगों की याद में एक स्मृति मोमबत्ती जलाई, जिनकी सात अक्टूबर को हमास के लड़ाकों ने हत्या कर दी थी.”

उन्होंने कहा क‍ि पूरा देश अपने प्रियजनों को याद करते हुए एकजुट है. हम अपना मिशन पूरा करेंगे. हमने हिसाब चुकाया है और सभी हत्यारों से आगे भी हिसाब चुकाते रहेंगे.

इस बीच, हमास के हमले में मारे गए लोगों के परिवार यह जांच कराने की मांग कर रहे हैं कि क्या इजरायल के वरिष्ठ अधिकारियों को हमले से पहले खुफिया चेतावनी मिली थी. चुनाव से पहले इस बात को लेकर विवाद बढ़ रहा है कि इजरायली नेताओं को हमले के बारे में पहले से क्या जानकारी थी.

हालांकि, नेतन्याहू ने इस दावे को खारिज किया है कि उन्हें हमले के बारे में पहले से कोई चेतावनी मिली थी.

‘एक्‍स’ पर जारी उनके बयान में कहा गया, “हम सभी सात अक्टूबर को मारे गए लोगों की याद में सिर झुकाते हैं. दुख की बात है कि इस दर्दनाक दिन पर चैनल 12 पूरे दिन Prime Minister नेतन्याहू और लिकुड के खिलाफ झूठा Political प्रचार प्रसारित कर रहा है. इसका मकसद दक्षिणपंथी Government को हटाना और ऐसी वामपंथी Government के लिए रास्ता बनाना है, जो एक फिलिस्तीनी राज्य बनाएगी.”

बयान में आगे कहा गया, “Prime Minister नेतन्याहू को 7 अक्टूबर से पहले गाजा पट्टी या हमास की ओर से होने वाले हमले के बारे में कोई चेतावनी नहीं मिली थी. President ट्रंप, पूर्व President बाइडेन के सलाहकार ब्रेट मैकगर्क, यूएई Government, मिस्र Government और अन्य भी इसकी पुष्टि कर चुके हैं.”

बयान में कहा गया, “अगर Prime Minister नेतन्याहू को सही समय पर जानकारी दी गई होती, तो हालात बिल्कुल अलग होते. Prime Minister नेतन्याहू ने ही गाजा में जमीनी सैन्य अभियान शुरू करने का फैसला लिया और केवल हवाई हमलों तक सीमित रहने के President बाइडेन के दबाव के सामने नहीं झुके.”

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एवाई/एबीएम