
New Delhi, 6 अक्टूबर . कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के दौरान जंतर-मंतर पर निशु आजाद के पिता के साथ हुई मारपीट के मामले में पटियाला हाउस कोर्ट ने बड़ी राहत दी है. कोर्ट ने आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज को नियमित जमानत दे दी है. बताया जा रहा है कि जमानत की शर्तों का जिक्र करते हुए विस्तृत आदेश बाद में जारी किया जाएगा.
इसके पहले 15 सितंबर को पटियाला हाउस कोर्ट ने स्वतंत्र भारद्वाज को शर्तों के साथ तीन हफ्ते की अंतरिम जमानत दी थी. कोर्ट ने कहा था कि अंतरिम जमानत के दौरान उसका व्यवहार देखा जाएगा और फिर नियमित जमानत पर विचार किया जाएगा.
Police के अनुसार, स्वतंत्र भारद्वाज को दिल्ली Police ने 4 सितंबर को बुलंदशहर से गिरफ्तार किया था. भारद्वाज पर जुलाई में जंतर-मंतर पर सीजेपी के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन के दौरान निशु आजाद प्रदर्शनकारी के पिता संजय कुमार पर हमला करने का आरोप है. दिल्ली Police ने पहले कहा था कि संजय कुमार को लगी चोटें मामूली थीं और स्टील के कंगन से लगी थीं.
हालांकि, बाद में Police ने कथित हमले के संबंध में दर्ज First Information Report में अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम और आपराधिक धमकी की धाराएं भी जोड़ दीं. नाबालिग कार्यकर्ता की शिकायत पर भारद्वाज के खिलाफ यौन अपराधों से बाल संरक्षण (पीओसीएसओ) अधिनियम के तहत एक नई First Information Report भी दर्ज की गई, जिसमें कार्यकर्ता ने ऑनलाइन धमकियों और उत्पीड़न का आरोप लगाया है.
यह विवाद एक कथित वायरल वीडियो के बाद शुरू हुआ, जिसमें भारद्वाज ने कथित तौर पर दावा किया था कि उसने जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान नाबालिग कार्यकर्ता निशु आजाद के पिता पर शारीरिक हमला किया था और कथित तौर पर शेखी बघारी थी कि उसे अपने “Political संबंधों” के कारण छोड़ दिया गया था.
वहीं, सितंबर महीने की शुरुआत में हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ कथित तौर पर अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करने और सांप्रदायिक नफरत फैलाने के आरोप में संजय आजाद और उनकी नाबालिग बेटी निशु आजाद के खिलाफ First Information Report दर्ज करने की मांग को लेकर एडवोकेट अमिता सचदेवा ने दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट में अर्जी दाखिल की थी.
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ओपी/एएस
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