
New Delhi, 9 सितंबर . केंद्र Government Maharashtra Government के सहयोग से 11 और 12 सितंबर को Mumbai में भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिकों (बीओसीडब्ल्यू) पर राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित करने जा रही है, जिसकी अध्यक्षता श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया करेंगे. श्रम एवं रोजगार मंत्रालय द्वारा Wednesday को जारी एक बयान के अनुसार, इस सम्मेलन का उद्देश्य निर्माण श्रमिकों के कल्याण, सामाजिक सुरक्षा और रोजगार संबंधी व्यवस्थाओं को और प्रभावी बनाना है.
बयान में कहा गया है कि सम्मेलन में केंद्रीय श्रम एवं रोजगार तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे, विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के श्रम मंत्री एवं वरिष्ठ अधिकारी, भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्डों के अध्यक्ष और सचिवों के साथ-साथ केंद्र और राज्य Governmentों के वरिष्ठ अधिकारी भाग लेंगे.
India में निर्माण क्षेत्र रोजगार का एक बड़ा स्रोत है और करोड़ों श्रमिकों की आजीविका इससे जुड़ी हुई है. नए श्रम संहिताओं (लेबर कोड्स) के लागू होने के बाद यह सम्मेलन बीओसीडब्ल्यू ढांचे की समीक्षा करने और श्रमिक कल्याण बोर्डों की कार्यप्रणाली को मजबूत बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करेगा.
सम्मेलन के दौरान श्रमिकों का पंजीकरण, कल्याणकारी योजनाओं की पहुंच, वैधानिक जिम्मेदारियां, कल्याण कोष के उपयोग और निगरानी व्यवस्था जैसे विषयों पर चर्चा होगी. इसके अलावा तकनीक-आधारित सेवाओं और विभिन्न योजनाओं के बेहतर समन्वय के जरिए श्रमिकों तक सुविधाओं की पहुंच बढ़ाने पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा.
दो दिवसीय इस कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा राज्यों के बीओसीडब्ल्यू कल्याण बोर्डों द्वारा अपनाई गई सफल पहलों और नवाचारों को साझा करना होगा.
Government का मानना है कि इससे विभिन्न राज्यों को एक-दूसरे के अनुभवों से सीखने और बेहतर मॉडलों को अपनाने का अवसर मिलेगा, जिससे निर्माण श्रमिकों तक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ अधिक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सकेगा.
सम्मेलन में नवंबर 2025 में New Delhi में आयोजित राष्ट्रीय श्रम सम्मेलन के दौरान शुरू की गई तीन प्रमुख पहलों की प्रगति की भी समीक्षा की जाएगी, जिनमें स्टेट बीओसीडब्ल्यू डिजिटल लेबर चौक, लेबर चौक-सह-सुविधा केंद्र तथा ऑनलाइन बीओसीडब्ल्यू उपकर संग्रह पोर्टल शामिल हैं. इन पहलों का उद्देश्य रोजगार सुविधा को मजबूत करना, श्रमिकों को सम्मानजनक एवं सुलभ सेवाएं उपलब्ध कराना तथा उपकर संग्रह और निगरानी प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाना है.
इसके अलावा, सम्मेलन में अंतरराष्ट्रीय श्रम गतिशीलता मार्ग, कौशल विकास, रोजगार अवसर, श्रम सांख्यिकी और लेबर स्टैक जैसे विषयों पर भी चर्चा होगी.
मंत्रालय के अनुसार, इस आयोजन का लक्ष्य केंद्र, राज्य Governmentों, केंद्र शासित प्रदेशों और बीओसीडब्ल्यू कल्याण बोर्डों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना, क्रियान्वयन संबंधी कमियों की पहचान करना और निर्माण श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा, कल्याण योजनाओं तथा रोजगार अवसरों की अधिक प्रभावी और सुलभ व्यवस्था सुनिश्चित करना है.
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डीबीपी
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