
Mumbai , 11 अक्टूबर . भारतीय शेयर बाजार ने Friday को मजबूती के साथ कारोबार समाप्त किया और लगातार आठ सप्ताह की गिरावट का सिलसिला टूट गया. हालांकि बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा रिकवरी कितनी टिकाऊ होगी, यह आने वाले दिनों में प्रमुख तकनीकी स्तरों को पार करने पर निर्भर करेगा.
Friday को निफ्टी 1.3 प्रतिशत चढ़कर 22,520.45 पर बंद हुआ, जबकि सेंसेक्स 1.23 प्रतिशत की बढ़त के साथ 72,472.33 पर पहुंच गया. बाजार की इस तेजी में आईटी शेयरों की अहम भूमिका रही. बेहतर तिमाही नतीजों और अंतरराष्ट्रीय कारोबार में मजबूत वृद्धि के संकेतों ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया.
साप्ताहिक आधार पर निफ्टी में 0.44 प्रतिशत और सेंसेक्स में 0.78 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई. यह रिकवरी ऐसे समय में आई है जब इससे पहले आठ सप्ताह के दौरान निफ्टी करीब 8.7 प्रतिशत और सेंसेक्स 8.4 प्रतिशत तक टूट चुका था.
विशेषज्ञों के अनुसार, हालिया तेजी बाजार में स्थिरता के शुरुआती संकेत देती है, लेकिन मजबूत रिकवरी की पुष्टि के लिए प्रमुख प्रतिरोध (रेजिस्टेंस) स्तरों को पार करना जरूरी होगा. तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है.
विश्लेषकों का कहना है कि निफ्टी के लिए 22,200-22,250 का दायरा महत्वपूर्ण सपोर्ट जोन है, जबकि 22,750-22,800 का स्तर तत्काल प्रतिरोध के रूप में देखा जा रहा है.
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, यदि निफ्टी 22,200 के नीचे फिसलता है तो गिरावट का व्यापक रुझान फिर से शुरू हो सकता है. वहीं दूसरी ओर, यदि इंडेक्स 22,800 के ऊपर मजबूती से टिकता है तो 23,100 और 23,300 तक की तेजी का रास्ता खुल सकता है.
विश्लेषकों ने कहा कि केवल एक सप्ताह की तेजी को ट्रेंड रिवर्सल नहीं माना जा सकता. इसके लिए लगातार खरीदारी और व्यापक बाजार भागीदारी आवश्यक होगी.
उन्होंने कहा कि 22,200 से 22,400 का क्षेत्र भी निफ्टी के लिए एक मजबूत सपोर्ट जोन है. यदि सूचकांक इसके ऊपर बना रहता है तो 23,000-23,300 तक रिकवरी संभव है. वहीं इस जोन के नीचे जाने पर निफ्टी 21,700-22,000 तक फिसल सकता है.
सेंसेक्स ने भी आठ सप्ताह की गिरावट के बाद स्थिरता के संकेत दिए हैं. हालांकि विशेषज्ञों ने बताया कि साप्ताहिक चार्ट पर सेंसेक्स ने हाई वेव कैंडल बनाई है, जो आमतौर पर बाजार में अनिश्चितता का संकेत मानी जाती है.
विश्लेषकों के अनुसार, सेंसेक्स के लिए 73,000-73,200 का स्तर तत्काल प्रतिरोध का क्षेत्र है. यदि सूचकांक 73,200 के ऊपर निर्णायक बढ़त दर्ज करता है, तो यह तेजी 74,000 और उसके बाद 74,600 तक जा सकती है.
वहीं नीचे की ओर 71,200-71,000 का दायरा महत्वपूर्ण सपोर्ट जोन माना जा रहा है. यदि सेंसेक्स 71,000 के नीचे टिकता है तो व्यापक गिरावट का रुझान दोबारा शुरू हो सकता है और बाजार में नई बिकवाली देखने को मिल सकती है.
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डीबीपी
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