
New Delhi, 26 सितंबर . जापान में आयोजित हो रहे एशियन गेम्स 2026 में रोइंग में भारतीय दल का प्रतिनिधित्व करने वाले नितिन कुमार का सफर बेहद रोमांचक और प्रेरक रहा है. नितिन ने भारतीय सेना में अग्निवीर के तौर पर शामिल होने से लेकर देश का एशियन गेम्स में प्रतिनिधित्व करने तक एक लंबा सफर तय किया है.
नितिन कुमार 2023 में अग्निवीर के तौर पर भारतीय सेना में शामिल हुए. सेना में ही उनकी रोइंग प्रतिभा और क्षमता की पहचान हुई. दिल्ली के एक रेजिमेंटल सेंटर में ट्रेनिंग के दौरान उनकी प्रतिभा को पहचाना गया. आर्मी ने इस युवा खिलाड़ी को अपनी प्रतिभा को निखारने का मौका दिया. आर्मी स्पोर्ट्स नोड्स में आगे की ट्रेनिंग से उन्हें सबसे ऊंचे स्तर पर मुकाबला करने के लिए जरूरी स्किल्स और फिटनेस बनाने में मदद मिली.
19 साल की उम्र में, नितिन एक होनहार ट्रेनी से एक अंतरराष्ट्रीय रोवर बन गए. उन्होंने 2026 में बेल्जियम में वर्ल्ड रोइंग चैंपियनशिप में India का प्रतिनिधित्व किया और जापान में 20वें एशियन गेम्स में हिस्सा लिया. एशियन गेम्स में वह कॉन्टिनेंटल इवेंट में सातवें स्थान पर रहे. उन्होंने साथी भारतीय रोवर जसविंदर सिंह के साथ मुकाबला किया.
नितिन का घरेलू स्तर पर अच्छा प्रदर्शन रहा है. उन्होंने 2025 में पहले खेलो इंडिया वॉटर स्पोर्ट्स गेम्स में गोल्ड और उसी साल 42वें सीनियर नेशनल रोइंग चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज मेडल जीता. 2026 में, उन्होंने 43वीं सीनियर नेशनल रोइंग चैंपियनशिप में गोल्ड जीता, और India के टॉप रोइंग खिलाड़ियों में अपनी जगह बनाई.
Haryana के करनाल जिले के अग्निवीर, नितिन का सफर दिखाता है कि इंडियन आर्मी का स्पोर्टिंग इकोसिस्टम कैसे क्षमता को पहचान सकता है और युवाओं को उसे कामयाबी में बदलने में मदद कर सकता है. प्रशिक्षण, अनुशासन और मौके के जरिए, एक युवा ने देश की सेवा करते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है.
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पीएके
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