नाहरगढ़ वन विभाग कार्यालय पर हमले के मामले में नरेश मीणा के पैतृक घर पर पुलिस की दबिश

jaipur, 3 नवंबर . Rajasthan Police ने बारां जिले के नाहरगढ़ कस्बे में वन विभाग के रेंज कार्यालय पर कथित हमले के मामले में भगत सिंह सेना के प्रमुख और किसान नेता नरेश मीणा की तलाश तेज कर दी है. इसी सिलसिले में Police ने Tuesday सुबह उनके पैतृक आवास पर दबिश दी. हालांकि, नरेश मीणा घर पर नहीं मिले और Police टीम को खाली हाथ लौटना पड़ा. इस बीच, मीणा ने social media पोस्ट के जरिए 6 नवंबर को शाम 5 बजे नाहरगढ़ थाने में आत्मसमर्पण करने का ऐलान किया है.

Police ने इस मामले में चार अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है और बाकी आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है.

बारां एसपी अभिषेक अंदासु के निर्देश पर नरेश मीणा की गिरफ्तारी के लिए विशेष Police टीम गठित की गई थी. इसमें अटरू सर्किल ऑफिसर रामानंद यादव, मोथपुर थाना प्रभारी कमल सिंह, बारां सदर थाना प्रभारी नवलकिशोर मीणा और जिला विशेष टीम (डीएसटी) के जवान शामिल थे. टीम Tuesday तड़के करीब 5 बजे नरेश मीणा के पैतृक आवास, नयागांव पहुंची, लेकिन वह वहां नहीं मिले.

Police अधिकारियों के अनुसार, सरकारी संपत्ति में तोड़फोड़, सरकारी कर्मचारियों को ड्यूटी करने से रोकने और वन विभाग के कर्मचारियों को धमकाने के आरोपों में शामिल अन्य लोगों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं.

Police की दबिश के बाद नरेश मीणा ने social media पर पोस्ट कर दावा किया कि Police उन्हें गिरफ्तार करने के लिए सुबह 5 बजे उनके घर पहुंची थी. उन्होंने पोस्ट में 6 नवंबर को शाम 5 बजे नाहरगढ़ थाने में आत्मसमर्पण करने की घोषणा की. इसके साथ ही उन्होंने Rajasthan के मतदाताओं से कांग्रेस और भाजपा से आगे बढ़कर तीसरे मोर्चे का समर्थन करने की अपील की. उन्होंने बसपा के हाथी और आरएलपी की बोतल चुनाव चिह्न पर वोट देने, मजबूत निर्दलीय उम्मीदवारों का समर्थन करने और सीकर में वामपंथी उम्मीदवारों को वोट देने की अपील भी की.

यह घटनाक्रम राज्य में जारी पंचायती राज चुनावों के बीच सामने आया है. मामले की शुरुआत 1 नवंबर को हुई थी, जब नाहरगढ़ वन चौकी प्रभारी प्रदीप सिंह राठौड़ ने एक वनरक्षक और अन्य कर्मचारियों के साथ झिरी टापरा में वन भूमि पर कथित रूप से अवैध ट्यूबवेल के लिए इस्तेमाल किए जा रहे जनरेटर को जब्त किया था.

वन विभाग की टीम जब्त जनरेटर को अपने रेंज कार्यालय लेकर आई थी. आरोप है कि इसके बाद नरेश मीणा सैकड़ों समर्थकों के साथ कार्यालय पहुंचे. वहां समर्थकों ने कथित तौर पर परिसर में आग लगाने की धमकी दी, वनकर्मियों के साथ मारपीट की और उनकी वर्दी से बैज व नेमप्लेट फाड़ दिए.

आरोप यह भी है कि भीड़ ने जब्ती से संबंधित पंचनामा समेत सरकारी दस्तावेजों को नुकसान पहुंचाया और मिनी ट्रांसपोर्ट वाहन में जब्त जनरेटर लेकर चली गई. इस घटना में सरकारी संपत्ति को काफी नुकसान पहुंचने की बात सामने आई है. इसके बाद Police ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की.

नाहरगढ़ थाना प्रभारी विवेक हरसाना ने बताया कि Police ने Monday को इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया था. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नाहरगढ़ निवासी जितेंद्र नागर (36), बालापुरा निवासी देवेंद्र कुशवाहा (22), लकड़ाई निवासी पप्पू भील (25) और मुरारी निवासी मुरारी गुर्जर (20) के रूप में हुई है. चारों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया. Police अब मुख्य आरोपी नरेश मीणा समेत अन्य फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है.

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डीएससी