
Lucknow, 16 अक्टूबर . माफियाओं की जमीनों पर गरीबों के आवास बनाए जाने को लेकर Chief Minister योगी आदित्यनाथ की ओर से दिए गए बयान पर विपक्षी नेताओं की प्रतिक्रिया सामने आई है.
कांग्रेस नेता सुरेंद्र राजपूत ने कहा, “उन्हीं गरीबों के आवास के नाम पर उन्होंने चाबियां देने का काम किया. अब उन्हीं गरीबों के आवास Lucknow में छीने जा रहे हैं. Lucknow में चिड़ियाघर के पीछे मुख्तार अंसारी की जमीन पर जो आवास बनाए गए थे, उसे गरीबों को देने के बाद आवास छीन लिए गए. ये जुमलेबाजी नहीं कानूनी काम करना चाहिए. जिस जमीन को मुख्तार अंसारी का बताया गया था, वह जल निगम की निकली.”
कसारी मसारी का नाम बदलने को लेकर सीएम योगी के बयान पर अखिलेश यादव की प्रतिक्रिया पर सुरेंद्र राजपूत ने कहा, “जाकी रही भावना जैसी, प्रभु मूरत देखी तिन तैसी. Chief Minister नाम बदलने के लिए ही जाने जाते हैं. नाम बदलने से काम बदल जाएं तो क्या ही बात है.”
सीएम योगी की ओर से राहुल गांधी पर तंज कसने पर सुरेंद्र राजपूत ने कहा, “जवाहरलाल नेहरू के साथ कई लोग जेल गए थे, लेकिन इनमें से एक भी संघी जेल नहीं गया था. भाजपा का एक भी नेता जेल नहीं गया था.”
Samajwadi Party (सपा) के नेता आशुतोष वर्मा ने कहा, “मेरा मानना है कि Chief Minister की भाषा शालीनता वाली होनी चाहिए. उनकी भाषा ऐसी होनी चाहिए कि युवा उससे प्रेरणा लें. लेकिन, हमारे Chief Minister की ओर से ‘बम’ की बातें की जाती हैं. कहते हैं मिट्टी में मिला देंगे, ये किस Chief Minister की भाषा होती है? ये India और प्रदेश का भविष्य नहीं हो सकते हैं.”
अशुतोष वर्मा ने आगे कहा, “हमें बता दें कि संघ का कौन था, जो जेल गया था. जिनका इतिहास नहीं होता, उनकी ओर से बातें नहीं की जानी चाहिए.”
यूपी Government में मंत्री दयाशंकर सिंह की ओर से अखिलेश यादव पर निशाना साधे जाने को लेकर आशुतोष वर्मा ने कहा, “उनको पहले खुद विधायक बनने की सोचनी चाहिए. सपा की Government आ रही है, हम देख लेंगे क्या करना है?”
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एसडी/एबीएम
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