
पणजी, 11 अक्टूबर . दिग्गज एक्टर नाना पाटेकर की मौत के मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है. गोवा मेडिकल कॉलेज (जीएमसी), बाम्बोलिम की फाइनल पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में उनकी मौत की वजह मैसिव हार्ट अटैक बताई गई है. रिपोर्ट के मुताबिक, उनकी मौत प्राकृतिक कारणों से हुई थी. गोवा Police ने से इसकी पुष्टि की है.
Police के मुताबिक, मेडिकल रिपोर्ट की जानकारी परिवार को भी दे दी गई है और परिवार ने अब तक इस पर कोई आपत्ति नहीं जताई है. ऐसे में नाना पाटेकर की मौत के मामले में दर्ज अननैचुरल डेथ का केस बंद किया जाएगा.
गोवा मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों की टीम की फाइनल रिपोर्ट के मुताबिक, नाना पाटेकर कोरोनरी आर्टरी डिजीज (सीएडी) से पीड़ित थे. इस बीमारी में दिल की धमनी में खून का थक्का जम जाता है, जिससे खून की सप्लाई रुक जाती है. ऐसे में उन्हें हार्ट अटैक आया. गोवा Police ने को बताया कि रिपोर्ट में मौत को प्राकृतिक बताया गया है.
नाना पाटेकर का निधन 8 अक्टूबर को गोवा में हुआ था. वह 75 साल के थे. Police जांच के मुताबिक, निधन से कुछ घंटे पहले उन्होंने अपने करीबी दोस्त अमेय नाईक को मैसेज के जरिए बताया था कि उन्हें रात करीब 2:30 बजे अपनी तबीयत ठीक नहीं लग रही है. अमेय नाईक ने सुबह करीब 3:30 बजे मैसेज देखा और तुरंत नाना के डोना पाउला स्थित घर पहुंचे. वहां नाना सोफे पर बेसुध हालत में मिले. इसके बाद नाना को एंबुलेंस से मणिपाल अस्पताल ले जाया गया.
मणिपाल अस्पताल के डॉक्टरों की टीम ने करीब 45 मिनट तक उन्हें बचाने की कोशिश की लेकिन उन्हें होश नहीं आया. सुबह 5:20 बजे डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. नाना पाटेकर के निधन के बाद उनके पार्थिव शरीर को पोस्टमॉर्टम के लिए गोवा मेडिकल कॉलेज, बाम्बोलिम भेजा गया. वहीं, पणजी Police ने अस्पताल से सूचना मिलने के बाद मामला दर्ज किया और परिवार के सदस्यों के बयान भी लिए. परिवार की ओर से किसी तरह की गड़बड़ी का शक नहीं जताया गया.
पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद नाना पाटेकर का पार्थिव शरीर पुणे के डोंजे गांव स्थित फार्महाउस ले जाया गया, जहां राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया. उनके बेटे मल्हार पाटेकर ने पिता को मुखाग्नि दी.
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पीके/पीएम
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