नागर विमानन सचिव ने एयरलाइंस को नवी मुंबई एयरपोर्ट पर उड़ान स्थानांतरण के लिए विस्तृत ट्रांजिशन प्लान तैयार करने के दिए निर्देश

New Delhi, 6 अक्टूबर . नागर विमानन मंत्रालय ने घरेलू एयरलाइंस और एयरपोर्ट ऑपरेटर्स को नवी Mumbai इंटरनेशनल एयरपोर्ट (एनएमआईए) में परिचालन स्थानांतरित करने के लिए एक ठोस और विस्तृत ट्रांजिशन प्लान तैयार करने के निर्देश दिए हैं. यह कदम Mumbai के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे (सीएसएमआईए) के टर्मिनल-1 के चरणबद्ध पुनर्विकास की तैयारियों के बीच उठाया गया है.

सूत्रों के अनुसार, मंत्रालय ने यह भी सुझाव दिया है कि ट्रांजिशन प्रक्रिया को कुछ सप्ताह आगे बढ़ाया जा सकता है, ताकि एयरलाइंस, यात्रियों और अन्य हितधारकों के लिए स्थानांतरण अधिक सुचारु रूप से किया जा सके.

यह निर्णय एक उच्चस्तरीय बैठक के दौरान लिया गया, जिसमें सीएसएमआईए के टर्मिनल-1 के पुनर्विकास और Mumbai एयरपोर्ट से कुछ उड़ान परिचालनों को नवी Mumbai एयरपोर्ट में स्थानांतरित करने के प्रस्ताव पर चर्चा की गई.

सूत्रों के मुताबिक, नागर विमानन सचिव ने एयरलाइंस और एयरपोर्ट ऑपरेटरों के साथ विस्तृत चर्चा की और सभी पक्षों से एक स्पष्ट परिचालन योजना प्रस्तुत करने को कहा. इस संबंध में अगली समीक्षा बैठक 13 अक्टूबर को आयोजित की जाएगी.

इस बैठक में Mumbai एयरपोर्ट से हर वर्ष लगभग 50 लाख अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को नवी Mumbai एयरपोर्ट में स्थानांतरित करने की योजना को अंतिम रूप देने पर चर्चा होगी. इसके बाद लगभग 20 अक्टूबर के आसपास एक और बैठक आयोजित किए जाने की संभावना है, जिसमें अंतिम ट्रांजिशन प्लान पर सहमति बनाई जा सकती है.

सूत्रों ने बताया कि इंडिगो, एयर इंडिया और अकासा एयर सहित प्रमुख घरेलू एयरलाइंस ने मंत्रालय को जानकारी दी कि वे पिछले करीब 18 महीनों से एयरपोर्ट ऑपरेटर के साथ इस बदलाव को लेकर बातचीत कर रही हैं.

बैठक में अदाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड (एएएचएल), भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई), फेडरेशन ऑफ इंडियन एयरलाइंस (एफआईए) और विभिन्न एयरलाइंस के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया.

एएएचएल ने बैठक के दौरान नवी Mumbai एयरपोर्ट पर हर वर्ष 50 लाख अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को संभालने की अपनी तैयारियों का प्रस्तुतीकरण दिया. कंपनी ने एयरपोर्ट की अवसंरचना क्षमता, सड़क संपर्क, इन-फ्लाइट कैटरिंग सेवाओं, होटलों, लाउंज और अन्य यात्री सुविधाओं को लेकर अपनी योजनाओं की जानकारी साझा की.

करीब 90 मिनट चली चर्चा के दौरान एयरलाइंस द्वारा उठाए गए परिचालन संबंधी प्रश्नों और चिंताओं का भी समाधान किया गया. सूत्रों के अनुसार, सभी हितधारकों ने यह सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता जताई कि स्थानांतरण प्रक्रिया के दौरान यात्रियों की सुविधा और परिचालन दक्षता पर कोई असर न पड़े.

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डीबीपी