
नागपुर, 29 अक्टूबर . Maharashtra के नागपुर स्नातक विधान परिषद (एमएलसी) चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार अभिजीत गोविंदराव वंजारी ने शानदार जीत दर्ज की है. यह उनकी लगातार दूसरी जीत है. जीत के बाद से बातचीत में उन्होंने अपनी जीत, चुनावी रणनीति, भाजपा के प्रचार और देश में लोकतंत्र की स्थिति सहित कई मुद्दों पर खुलकर बात की.
अभिजीत वंजारी ने कहा, “मैं अपनी जीत को लेकर आश्वस्त था. मुझे अपने मतदाता पता थे, मैंने सर्वे किया था और पिछले छह साल में जिस तरह से काम किया था, मुझे पता था कि उसका फायदा मुझे मिलेगा. इसी रणनीति के तहत हमने चुनाव का संचालन किया.”
उन्होंने कहा, “हमारे साथ कई संगठन और घटक काम कर रहे थे. विरोधियों ने जिस तरह का माहौल बनाने की कोशिश की, उसका इस चुनाव पर कोई असर नहीं हुआ. लोगों ने काम को पसंद किया और उसी काम की पावती के रूप में मुझे वोट दिया. इसलिए मैं इस चुनाव में जीत कर आया हूं, जबकि भाजपा ने इस चुनाव को जीतने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी.”
भाजपा पर निशाना साधते हुए वंजारी ने कहा कि यह शिक्षित मतदाताओं का चुनाव है. उन्होंने कहा कि यह ग्रेजुएट कॉन्स्टिट्यूएंसी का चुनाव है, जिसे केवल बूथ पर भीड़ जमा करके नहीं जीता जा सकता, यह बात एक बार फिर सिद्ध हो गई है. हमने प्रचार का जो माध्यम रखा, उसका फोकस सीधे संपर्क पर था. हमने अपने सभी मतदाताओं से व्यक्तिगत रूप से संपर्क करने का काम किया. इसी का फायदा हमें इस चुनाव में मिला.
चुनाव के दौरान वोटों की गिनती में उतार-चढ़ाव पर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि पहले राउंड में उन्हें बढ़त मिली थी. दूसरे राउंड में वह थोड़ा पीछे हो गए थे, लेकिन उन्हें भरोसा था कि आने वाले राउंड में वह फिर से आगे निकल जाएंगे.
Prime Minister Narendra Modi की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा, “पीएम मोदी का दावा फेल हो गया है. कल ही उन्होंने social media पोस्ट में कहा था कि देश में जहां-जहां चुनाव हुए, वहां कांग्रेस कहीं नहीं है लेकिन हमने सिद्ध कर दिया कि नागपुर में आज भी कांग्रेस जीवित है.”
उन्होंने कहा, “केवल नागपुर में ही नहीं, बल्कि पूरे Maharashtra और पूरे देश में लोगों के मन में कांग्रेस है. कांग्रेस कभी खत्म नहीं हो सकती, कांग्रेस की विचारधारा कभी खत्म नहीं हो सकती. इस चुनाव के माध्यम से यह बात एक बार फिर सामने आई है.”
अभिजीत वंजारी ने कहा कि पिछले 12 साल में लोगों के मन में ईवीएम को लेकर संदेह पैदा हो गया है. लोगों को लगता है कि ईवीएम के माध्यम से उनका दिया गया वोट सही जगह नहीं जा रहा है. जिस पार्टी या जिस चिन्ह को वह वोट देते हैं. वह वोट वहीं नहीं जा रहा, ऐसी आशंका लोगों के मन में आ गई है. इसलिए मेरा मानना है कि चुनाव आयोग को सामने आकर ईवीएम से चुनाव कराना बंद कर देना चाहिए और बैलेट पेपर से चुनाव कराना चाहिए.”
उन्होंने कहा कि कई प्रगतिशील देशों ने भी ईवीएम का प्रयोग बंद कर बैलेट पेपर से चुनाव कराने का फैसला किया है. अपने देश में भी निष्पक्ष चुनाव के लिए यही जरूरी है. लोकतंत्र को बचाना चाहिए. अगर बैलेट पेपर से चुनाव होगा तो दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा.”
उन्होंने कहा, “नागपुर शहर कभी भाजपा का गढ़ नहीं रहा है. पिछली कुछ परिस्थितियों में उनके सांसद या विधायक जरूर चुनकर आए होंगे, लेकिन आने वाले 2029 में दूसरी तस्वीर दिखाई देगी. पूरे देश में फिर से एक बार कांग्रेस की लहर देखने को मिलेगी.”
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पीआईएम/
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