
नागपुर, 16 अक्टूबर . डॉ. श्रुति नीरज सवालाखे ने New Delhi में हुए एक इंटरनेशनल पेजेंट में मिसेज यूनाइटेड नेशंस 2026 का टाइटल जीता, जिससे India और नागपुर का नाम रोशन हुआ.
डॉ. श्रुति नीरज ने कहा, “यह प्रतियोगिता मूलरूप से श्रीलंका में होनी थी, लेकिन इसका आयोजन दिल्ली में किया गया. इस प्रतियोगिता में कई देशों के प्रतिभागी शामिल हुए थे. इसमें रूस, कजाकिस्तान, जापान जैसे कई देशों के प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया था. मैं मिसेज यूनाइटेड नेशंस की विजेता बनी हूं और मुझे मिसेज यूनाइटेड नेशंस अर्थ का खिताब भी दिया गया है. यह ओमान का खिताब है.”
उन्होंने आगे कहा, “मैं मिसेज यूनाइटेड नेशंस और मिसेज यूनाइटेड नेशंस अर्थ दोनों की विजेता हूं. प्रतियोगिता में नेशनल कॉस्ट्यूम, इंटरव्यू राउंड, टैलेंट राउंड, रैंप वॉक, डिफरेंट कॉस्ट्यूम और सवाल-जवाब समेत कई पैरामीटर थे.”
डॉ. श्रुति ने बताया, “नेशनल कॉस्ट्यूम के बारे में पूछा गया था, जिसका मैंने पहले ही जवाब दिया है. मैंने नेशनल कॉस्ट्यूम के जरिए पूरी भारतीय नारी का प्रतिनिधित्व किया था. उसमें तिरंगा भी था, भारतीय स्त्री का स्वरूप भी था और साथ ही वायुसेना, नौसेना और थलसेना, जो हमारे देश की सुरक्षा करती हैं, उनका भी प्रतिनिधित्व मैंने अपनी वेशभूषा के माध्यम से किया था.”
उन्होंने कहा कि मेरी सोच यह थी कि मैं इस मंच पर पूरी भारतीय संस्कृति को प्रस्तुत करूं. एक भारतीय स्त्री कैसी होती है, वह प्रेम का प्रतीक कैसे है, वह संस्कारों से भरी हुई किस तरह अपने कुटुंबवत्सल भाव से आगे बढ़ सकती है, यही मुझे दिखाना था. मैं यह बताना चाहती थी कि हम अपने संस्कार और संस्कृति के साथ भी आगे बढ़ सकते हैं.
उन्होंने कहा, “मुझे बहुत गर्व महसूस हुआ कि मैं India का प्रतिनिधित्व कर रही हूं. यह मेरे लिए बहुत बड़ी जिम्मेदारी थी कि मैं India का नाम रोशन कर सकूं. मेरी सबसे बड़ी ताकत मेरा परिवार है. मेरे पति डॉक्टर नीरज सवालाखे हैं, मेरे पिता डॉक्टर रवि सर्डे हैं और मेरा बच्चा जो नेशनल और इंटरनेशनल चैंपियन है, यही मेरे प्रेरणा के स्रोत हैं.”
डॉ. श्रुति ने कहा कि मुझे अब मिसेज वर्ल्ड और मिसेज यूनिवर्स के लिए तैयारी करनी है और India के साथ-साथ अपने नागपुर का नाम भी रोशन करना है. मेरा मानना है कि बाहरी सुंदरता आकर्षित करती है, लेकिन आंतरिक सुंदरता दिल को जीत लेती है. मेरे अनुसार सुंदरता का मतलब खुले विचार, सुंदर हृदय और पवित्र आत्मा है, यही सुंदरता मेरी परिभाषा है.
उन्होंने कहा, “महिलाओं को मैं यही संदेश देना चाहती हूं कि शादी कोई अंत नहीं है, बल्कि एक बगीचा है जहां दो आत्माएं एक साथ खिलती हैं. अपने सपनों को संजोइए और वह बदलाव बनिए जो आप दुनिया में देखना चाहते हैं. मेरा मुख्य संदेश यही है कि उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए.”
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डीकेपी
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