नाउरू की संसद के अध्यक्ष से मिले विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा, संसदीय सहयोग बढ़ाने पर चर्चा

New Delhi, 22 अक्टूबर . विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा ने Thursday को नाउरू की संसद के अध्यक्ष मार्कस स्टीफन से मुलाकात की. इस दौरान दोनों देशों के बीच संसदीय आदान-प्रदान और क्षमता निर्माण के क्षेत्र में सहयोग मजबूत करने की संभावनाओं पर चर्चा हुई.

नाउरू की राजधानी यारेन स्थित ऐतिहासिक संसद भवन में हुई इस मुलाकात के दौरान मार्गेरिटा ने Lok Sabha अध्यक्ष ओम बिरला और Prime Minister Narendra Modi की तस्वीरें संसद अध्यक्ष के कार्यालय में लगी देखीं.

मार्गेरिटा ने social media प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि नाउरू की संसद के अध्यक्ष मार्कस स्टीफन से ऐतिहासिक संसद भवन में मुलाकात करके उन्हें खुशी हुई. उन्होंने कहा कि संसद अध्यक्ष के कार्यालय में Prime Minister Narendra Modi और Lok Sabha अध्यक्ष ओम बिरला की तस्वीरें देखकर अच्छा लगा. यह दोनों जीवंत लोकतंत्रों के बीच मित्रता को दर्शाता है.

उन्होंने कहा कि मुलाकात के दौरान दोनों पक्षों ने साझा लोकतांत्रिक मूल्यों पर विचारों का आदान-प्रदान किया और संसदीय सहयोग तथा क्षमता निर्माण को मजबूत करने के अवसरों पर चर्चा की.

विदेश राज्य मंत्री ने नाउरू में भारतीय समुदाय के सदस्यों से भी बातचीत की और भारत-नाउरू संबंधों को मजबूत करने में उनके योगदान की सराहना की.

उन्होंने एक्स पर एक अन्य पोस्ट में कहा कि नाउरू में भारतीय समुदाय के सदस्यों से बातचीत हुई. उन्होंने India और नाउरू के संबंधों को मजबूत करने में उनके योगदान तथा दोनों देशों के लोगों के बीच नजदीकी बढ़ाने में उनकी भूमिका की सराहना की.

इससे पहले दिन में मार्गेरिटा ने नाउरू में भारतीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग (आईटीईसी) तथा भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (आईसीसीआर) के पूर्व छात्रों से भी मुलाकात की.

उन्होंने कहा कि इन पूर्व छात्रों से बातचीत के दौरान India में उनके अनुभवों के बारे में जानने का अवसर मिला. उनके अनुभव दर्शाते हैं कि India की क्षमता निर्माण संबंधी पहल कौशल विकास और भारत-नाउरू साझेदारी को मजबूत करने में सकारात्मक भूमिका निभा रही हैं. मार्गेरिटा समोआ में अपने कार्यक्रम पूरे करने के बाद नाउरू पहुंचे हैं. उनकी यात्रा के तीसरे चरण में कुक आइलैंड्स जाने का कार्यक्रम है.

विदेश मंत्रालय के अनुसार, India और नाउरू के बीच मैत्रीपूर्ण और सौहार्दपूर्ण संबंध हैं. India नाउरू का एक महत्वपूर्ण विकास साझेदार है और प्रशांत महासागर के इस द्वीपीय देश में India की सहायता को व्यापक मान्यता प्राप्त है. मंत्रालय के मुताबिक, नाउरू India को विशेष महत्व देता है. वर्ष 1960 के दशक की शुरुआत में संयुक्त राष्ट्र में नाउरू की स्वतंत्रता का प्रस्ताव सबसे पहले India ने रखा था.

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डीएससी