नशा मुक्त भारत अभियान की छठी वर्षगांठ पर बड़ी तैयारी, 10 करोड़ लोगों को दिलाई जाएगी नशे के खिलाफ शपथ

New Delhi, 3 सितंबर . सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के अधिकारियों ने Thursday को ‘नशा मुक्त India अभियान’ (एनएमबीए) की छठी वर्षगांठ के मौके पर इस महीने होने वाली ‘नशीले पदार्थों के दुरुपयोग के खिलाफ राष्ट्रीय सामूहिक प्रतिज्ञा’ के बारे में चर्चा की.

एक आधिकारिक बयान के अनुसार, सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय इस पहल के लिए नोडल मंत्रालय है. इसका मकसद 10 करोड़ से ज्यादा नागरिकों को फिजिकल और ऑनलाइन दोनों तरह से शामिल करके शपथ दिलाना है.

इस सिलसिले में, राष्ट्रीय राजधानी में दो हाई-लेवल कोऑर्डिनेशन मीटिंग्स हुईं. इनकी अध्यक्षता जॉइंट सेक्रेटरी (ड्रग प्रिवेंशन) संदीप रेवाजी राठौड़ ने की. इन मीटिंग्स में योजना और नागरिकों की तय संख्या की भागीदारी सुनिश्चित करने की व्यापक रणनीति पर चर्चा की गई.

इन मीटिंग्स में सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग के डायरेक्टर अस्तिक कुमार पांडे, अंडर सेक्रेटरी अरुण कुमार कर्ण और मंत्रालय के अन्य अधिकारी भी शामिल हुए.

सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने देश में ड्रग्स की मांग से निपटने के लिए 15 अगस्त, 2020 को ‘नशा मुक्त India अभियान’ (एनएमबीए) शुरू किया था.

सामूहिक कार्रवाई की तत्काल जरूरत को समझते हुए, मंत्रालय कई तरह की पहल का समन्वय करता है. इनमें रोकथाम, आकलन, इलाज, पुनर्वास, देखभाल के बाद की सहायता, लोगों तक जानकारी पहुंचाना और सामुदायिक जागरूकता शामिल हैं.

मंत्रालय ‘ड्रग डिमांड रिडक्शन के लिए राष्ट्रीय कार्य योजना’ (एनएपीडीडीआर) के तहत एक व्यापक और सबूत-आधारित रणनीति लागू कर रहा है.

यह रणनीति एम्स, New Delhi के नेशनल ड्रग डिपेंडेंस ट्रीटमेंट सेंटर (एनडीडीटीसी) द्वारा India में नशीले पदार्थों के इस्तेमाल के दायरे और पैटर्न पर किए गए पहले राष्ट्रीय सर्वेक्षण के नतीजों पर आधारित है.

एनएपीडीडीआर के तहत, मंत्रालय राज्य Governmentों, केंद्र शासित प्रदेशों, एनजीओ और सरकारी अस्पतालों को रोकथाम संबंधी शिक्षा, जागरूकता पैदा करने, काउंसलिंग, इलाज और पुनर्वास के लिए आर्थिक मदद देता है.

अब तक, यह अभियान देश भर में जागरूकता गतिविधियों के जरिए 34.56 करोड़ से ज्यादा नागरिकों तक पहुंच चुका है. इनमें 13.71 करोड़ से ज्यादा युवा और 10.65 करोड़ महिलाएं शामिल हैं.

सामुदायिक भागीदारी को मजबूत करने के लिए 1.64 लाख से ज्यादा ‘नशा मुक्ति मित्र’ (एनएमएम) भी ​​इस अभियान से जुड़े हैं.

Thursday को हुई मीटिंग्स में विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के वरिष्ठ प्रतिनिधि शामिल हुए. उन्होंने कार्यान्वयन रणनीति के लिए चल रहे काम की समीक्षा की.

बयान में कहा गया, “देशव्यापी शपथ के लिए अधिकारियों, कर्मचारियों, छात्रों, अभिभावकों, स्वयंसेवकों और अन्य हितधारकों को जुटाने में संबंधित मंत्रालयों और विभागों की भूमिका पर चर्चा की गई.”

एससीएच