‘नरेंद्र तालाब से मगरमच्छ का एक बच्चा घर ले आए थे’, पीएम मोदी के अध्यापक ने सुनाई स्कूली दिनों की कहानी

Ahmedabad, 17 सितंबर . Prime Minister Narendra Modi को 10वीं और 11वीं में गणित व विज्ञान पढ़ाने वाले अध्यापक एच.सी. पटेल से उनके जन्मदिन के अवसर पर ने विशेष बातचीत की और उनके स्कूली दिनों का जिक्र किया.

से बातचीत करते हुए परिवार की साधारण पृष्ठभूमि का जिक्र करते हुए एच.सी. पटेल ने बताया कि मोदी के पिता दामोदरदास मोदी बी.एन. हाईस्कूल और स्थानीय रेलवे स्टेशन के पास एक बरगद के पेड़ से सिर्फ 50 फीट दूर चाय की एक छोटी सी दुकान चलाते थे. पटेल ने खुद युवा नरेंद्र को अपने पिता की मदद के लिए कड़ी मेहनत करते देखा था; वे दिन में दो बार वडनगर रेलवे स्टेशन जाकर यात्रियों को चाय बेचते थे.

एच.सी. पटेल ने स्कूल के दिनों में मोदी के धर्मनिरपेक्ष नजरिए और सभी धर्मों के प्रति सम्मान का जिक्र किया. उन्होंने बताया कि 11वीं कक्षा में नरेंद्र अक्सर एक मुस्लिम सहपाठी को अपने घर लाते थे ताकि वे साथ में खाना खा सकें; यह उनकी मां हीराबा के मार्गदर्शन में विकसित हुई समावेशी सोच को दर्शाता है. मोदी का तेज दिमाग, शानदार बोलने की कला और स्कूल की दूसरी गतिविधियों में गहरी दिलचस्पी उन्हें हर Thursday को होने वाले सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में सबसे अलग बनाती थीं.

पीएम मोदी के अध्यापक ने बताया, “इन कार्यक्रमों में वे स्वामी विवेकानंद जैसे महान नेताओं पर जोश भरे भाषण देते थे. मंच पर भी उनका अंदाज जबरदस्त था; स्कूल की बाउंड्री वॉल बनाने के लिए फंड इकट्ठा करने के मकसद से हुए एक नाटक में उन्होंने लोक-नायक जोगिदास खुमान की मुख्य भूमिका निभाई थी. उन्होंने हाथ में तलवार लेकर और काठियावाड़ी बोली का इतना जबरदस्त इस्तेमाल करते हुए अभिनय किया कि 10,000 लोगों की भीड़ ने खड़े होकर 10 मिनट तक तालियां बजाई थीं.

Prime Minister के अध्यापक एच.सी. पटेल ने मोदी के तैराकी के प्रति गहरे लगाव और वडनगर के ऐतिहासिक शर्मिष्ठा तालाब (जो साल के बारह महीने पानी से भरा रहता था) के आस-पास उनके साहसी बचपन के बारे में विस्तार से बताया. उन्होंने बताया कि एक बार, युवा नरेंद्र तालाब से मगरमच्छ का एक बच्चा घर ले आए थे, लेकिन जब उनकी मां हीराबा को उस छोटे जीव के लिए चिंता हुई और उन्हें चेतावनी दी कि वह काट सकता है, तो Narendra Modi ने तुरंत उस बच्चे को वापस तालाब में छोड़ दिया.

उन्होंने याद किया कि कैसे Chief Minister बनने से पहले Mumbai में एक कार्यक्रम के दौरान मोदी ने मंच से ही अपने पुराने प्रिंसिपल रसवैद्य मनियार का सार्वजनिक रूप से सम्मान किया था. बाद में 2005 में Gujarat के Chief Minister के तौर पर मोदी ने Ahmedabad के Gujarat कॉलेज में अपने प्राइमरी और हाई स्कूल के 26 पुराने शिक्षकों का सम्मान किया था. पटेल और उनकी पत्नी को लाने के लिए ड्राइवर भेजा, उन्हें 5-स्टार होटल में ठहराया और हर शिक्षक को खास तोहफे दिए गए थे. अपने पुराने छात्र को देश का नेतृत्व करते देख गर्व से भरे एचसी पटेल ने Prime Minister के अच्छे स्वास्थ्य, लंबी उम्र और India के लिए रिकॉर्ड-तोड़ सेवा करने की कामना की.

बता दें कि बीएन हाई स्कूल बड़नगर में Prime Minister की शिक्षा हुई. उस स्कूल के 1965 से 67 तक उनके टीचर रहे एच.सी. पटेल ने उनके विधार्थी काल को जिक्र करते हुए कहा कि वह बहुत प्रामाणिक विधार्थी रहे. हर गतिविधि में भाग लेने का आग्रह करते थे लेकिन यह शर्त रखते थे कि अगर संघ की शाखा का कोई कार्यक्रम होगा तो वह हाजिर नहीं होंगे. संघ का काम उनका प्रमुखता से रहता था. जब वे Chief Minister बने तब उनसे मिले थे. एच.सी. पटेल को गर्व है कि उनका छात्र देश का Prime Minister है.

एसडी/पीएम