नक्सलवाद के खात्मे के बाद मुख्यधारा की ओर बढ़ रहे बालाघाट के 100 गांव, बुनियादी सुविधाएं बढ़ाने का अभियान शुरू

Bhopal , 29 अक्टूबर . Madhya Pradesh का बालाघाट जिला कभी नक्सल प्रभावित रहा है, मगर अब यहां Naxalite गतिविधियां खत्म हो चुकी हैं और यहां के 100 गांव को मुख्य धारा से जोड़ने की कोशिश तेज कर दी गई है, ताकि यहां विकास की बयार बह सके. मध्यप्रदेश से नक्सलवाद खत्म होने के बाद बालाघाट जिले के नक्सल प्रभावित रहे 100 गांवों को चिह्नित किया है. इन गांवों की जनता को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए व्यापक अभियान शुरू कर दिया है.

इस अभियान के तहत 26 और 28 अक्टूबर को प्रदेश के अधिकारी बैहर, बिरसा, लांजी और किरनापुर विकासखंड के गांवों में पहुंचे. अधिकारियों ने ग्रामीणों से संवाद किया. इस दौरान ग्रामीणों की मूलभूत आवश्यकताओं, स्थानीय समस्याओं और विकास की संभावनाओं की जानकारी जुटाई गई. ग्रामीणों से प्राप्त सुझावों के आधार पर गांवों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार और रोजगारमूलक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए कार्य योजना तैयार की जा रही है.

नक्सल प्रभावित रहे 100 गांवों को चार क्लस्टर में विभाजित कर विभिन्न विभागों के अधिकारियों को भ्रमण की जिम्मेदारी सौंपी गई है. अधिकारियों को 14 दिनों तक आवंटित गांवों का भ्रमण कर वहां उपलब्ध सुविधाओं का आकलन करने, ग्रामीणों की जरूरतें समझने और विकास कार्यों के प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं.

अभियान का उद्देश्य ग्रामीणों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और आजीविका के अवसरों का विस्तार करना है. Chief Minister मोहन यादव के निर्देशों पर अधिकारियों ने गांव का दौरा किया और ग्रामीणों की समस्याओं को जाना . अभियान के दौरान गांवों में सड़क, पुल-पुलिया, पेयजल, सिंचाई, स्कूल भवन, आंगनबाड़ी भवन और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता और जरूरतों का आकलन किया जा रहा है.

अधिकारी यह जानने का प्रयास कर रहे हैं कि किन सुविधाओं की सबसे अधिक आवश्यकता है और किन समस्याओं का प्राथमिकता से निराकरण किया जाना चाहिए. इसके साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण सेवाओं को मजबूत बनाने पर भी ध्यान दिया जा रहा है. ग्रामीण क्षेत्रों में उपलब्ध शासकीय सुविधाओं की स्थिति की जानकारी लेकर आवश्यक सुधार और अधोसंरचना विकास के प्रस्ताव तैयार किए जाएंगे.

विभिन्न शासकीय योजनाओं के माध्यम से पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित करने के लिए भी संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया है. कलेक्टर आदित्य सिंह ने संबंधित अधिकारियों को निर्धारित 14 दिनों की अवधि में आवंटित गांवों का भ्रमण पूरा कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं. प्रयास है कि नक्सल प्रभावित रहे इन 100 गांवों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार कर ग्रामीणों को शासन की योजनाओं का लाभ दिलाया जाए. साथ ही युवाओं और जनजातीय समुदाय के लोगों को शिक्षा, रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराकर गांवों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जाए.

–

एसएनपी/