नए जीएसटी सुधारों से बढ़ेगा विश्वास, पंजीकरण को तेज बनाने से कारोबारियों की होगी मदद : इंडस्ट्री

New Delhi, 9 अक्टूबर . नए सुधार GST व्यवस्था और कारोबारी माहौल में विश्वास बढ़ाने में बड़ा कदम है और पंजीकरण को तेज बनाने से व्यापारियों के लिए कारोबार करना आसान होगा. यह जानकारी इंडस्ट्री की ओर से Friday को दी गई.

एंट्रप्रिन्योर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ईएआई) के अध्यक्ष अभिषेक कुमार ने कहा, “जुर्माना कम करना लंबे समय से चली आ रही मांग थी, ताकि यह पक्का किया जा सके कि GST को सजा के तौर पर नहीं, बल्कि एक ऐसे समावेशी ढांचे के तौर पर देखा जाए जो सभी को साथ लाता है. यह GST और कारोबारी माहौल में भरोसा बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है.”

उन्होंने आगे कहा, “इसके अलावा, ई-कॉमर्स के जरिए काम करने वाले छोटे बिजनेस के लिए GST पंजीकरण को तेज बनाना और उन्हें विभिन्न राज्यों में अलग-अलग ऑफिस की जरूरत के बिना आसानी से रजिस्टर करने की सुविधा देना, उन्हें काफी मदद देगा.”

इसके अलावा, उन्होंने केंद्र Government की ओर से 10,000 करोड़ रुपए का एसएमई ग्रोथ फंड (एसजीएफ) बनाने पर कहा कि हमारे देश के विशाल आकार को देखते हुए, एमएसएमई के ​​लिए सरकारी मदद को सिर्फ मेट्रो शहरों तक ही सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसे टियर-3 और टियर-4 शहरों तक भी पहुंचाया जाना चाहिए. यह फंड उन्हें काफी मदद देगा. छोटे एसएमई को अपना दायरा बढ़ाने, विस्तार करने और निर्यात स्तर की ग्रोथ हासिल करने में मदद करेगा. इस तरह की फंडिंग की लंबे समय से मांग की जा रही थी और मैं इसे मंज़ूरी देने के लिए Prime Minister का धन्यवाद करना चाहता हूं.

बादली इंडस्ट्रियल एस्टेट एसोसिएशन के प्रेसिडेंट रवि सूद ने कहा, “GST काउंसिल ने उद्योगों—खासकर माइक्रो, स्मॉल और मीडियम एंटरप्राइजेज (एमएसएमई)—को बढ़ावा देने के लिए जो कदम उठाए हैं, वे तारीफ के काबिल हैं. हमें उम्मीद है कि Government इस पॉलिसी को आगे भी जारी रखेगी, जिससे और ज्यादा उदारीकरण होगा और कंज्यूमर्स व ट्रेडर्स, दोनों पर भरोसा बढ़ेगा.

उन्होंने आगे कहा कि हमारे कारोबारियों में बहुत क्षमता है. वे ग्लोबल लीडर बनने की काबिलियत रखते हैं. अगर Government इसी तरह उनका साथ देती रही, तो वह दिन दूर नहीं जब हम 2047 से पहले ही ‘विकसित भारत’ का लक्ष्य हासिल कर लेंगे.

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एबीएस