नई दिल्ली : युवती के इंस्टाग्राम से फोटो लेकर एआई से बनाई अश्लील तस्वीर, पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार

New Delhi, 9 सितंबर . राष्ट्रीय राजधानी की नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट साइबर Police ने एक 22 वर्षीय युवती की तस्वीरों का दुरुपयोग कर एआई तकनीक से अश्लील फोटो और वीडियो बनाने तथा उन्हें social media पर फैलाने के मामले का खुलासा करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है. Police के अनुसार, आरोपी युवती का परिचित था और व्यक्तिगत रंजिश के चलते उसने वारदात को अंजाम दिया.

Police ने बताया कि पीड़िता ने साइबर Police स्टेशन, नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसकी तस्वीरों का इस्तेमाल कर एआई आधारित अश्लील फोटो और वीडियो तैयार किए गए हैं. युवती को कई फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट्स से संदेश मिले थे, जिनमें बताया गया था कि उसकी मॉर्फ्ड तस्वीरें और वीडियो डिस्कॉर्ड सर्वरों पर प्रसारित किए जा रहे हैं.

शिकायत के अनुसार, आपत्तिजनक सामग्री साझा करने के साथ-साथ उसे धमकी भरे संदेश भी भेजे जा रहे थे. मामले की गंभीरता को देखते हुए Police ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की. जांच के लिए एसआई हंशुल गुप्ता और हेड constable सनी की टीम का गठन किया गया, जिसकी निगरानी इंस्पेक्टर रोहित गहलोत और एसीपी ऑपरेशंस विशेष धत्तरवाल ने की.

जांच के दौरान Police ने फर्जी social media प्रोफाइल, ईमेल आईडी और डिजिटल गतिविधियों का गहन तकनीकी विश्लेषण किया. जांच में कई इंस्टाग्राम अकाउंट्स, डिस्कॉर्ड प्रोफाइल और जीमेल आईडी आपस में जुड़े पाए गए, जिनका इस्तेमाल कथित तौर पर आपत्तिजनक सामग्री तैयार करने और फैलाने के लिए किया गया था.

तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर Police ने केशव बंसल (22) को गिरफ्तार किया. वह दिल्ली के ईस्ट पंजाबी बाग का रहने वाला है और बीटेक (इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग) का छात्र रहा है. पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि वह पीड़िता को कॉलेज से जानता था. उसके अनुसार, दोनों के बीच कुछ समय से मनमुटाव था और कथित तौर पर बार-बार हुए अपमान के कारण बदला लेने की नीयत से यह कदम उठाया. आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने पीड़िता के निजी इंस्टाग्राम अकाउंट से तस्वीरें हासिल कर एआई की मदद से अश्लील तस्वीरें तैयार कीं और उन्हें गुमनाम डिस्कॉर्ड सर्वरों पर अपलोड कर दिया.

जांच में सामने आया है कि आरोपी ने कथित तौर पर कई फर्जी इंस्टाग्राम, डिस्कॉर्ड और फेसबुक अकाउंट बनाए. गुमनाम गतिविधियों के लिए कई जीमेल आईडी का इस्तेमाल किया. पीड़िता के इंस्टाग्राम से प्राप्त तस्वीरों का दुरुपयोग किया. एआई आधारित इमेज जनरेशन और एडिटिंग टूल्स से अश्लील तस्वीरें तैयार कीं. आपत्तिजनक सामग्री को गुमनाम डिस्कॉर्ड सर्वरों पर अपलोड किया. अन्य यूजर्स द्वारा बनाई गई कथित तौर पर और अधिक अश्लील सामग्री को दोबारा साझा किया.

Police ने आरोपी के पास से एक मोबाइल फोन, दो सिम कार्ड, मामले से जुड़े डिजिटल साक्ष्य बरामद किए हैं. जब्त उपकरणों की फॉरेंसिक जांच की जा रही है ताकि पूरे डिजिटल नेटवर्क और गतिविधियों का पता लगाया जा सके. Police का कहना है कि मामले की जांच जारी है. social media अकाउंट्स, ईमेल आईडी और अन्य डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण कर यह पता लगाया जा रहा है कि इस पूरे प्रकरण में किसी अन्य व्यक्ति की भी भूमिका थी या नहीं.

एएमटी/एबीएम